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यूपी की इस जेल में कैदियों पर आफत, दवाई खाते ही पूरे शरीर में अकड़न के साथ बेहोश हुए 150 कैदी, मचा हड़कंप
August 12, 2020 • जनसंदेश न्यूज • देश-विदेश


जनसंदेश न्यूज़
लखनऊ। राजधानी में सोमवार रात जिला जेल में अचानक कैदियों पर आफत आ गई। जहां एंटी एलर्जी की गलत दवा खाने से करीब सवा सौ कैदियों की हालत बिगड़ गई। गर्दन, हाथ-पैरों में अकड़न के साथ कैदी बेहोश होकर गिरने लगे। जिसे पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। 
बैरकों में यह नजारा देख अन्य कैदियों की चीख-पुकार सुनकर जेलकर्मियों ने बीमार कैदियों को आनन-फानन जेल अस्पताल में भर्ती करवाकर अधिकारियों को सूचना दी। भर्ती 30 कैदियों में छह की हालत नाजुक बताई जा रही है। जेल प्रशासन ने मुख्यालय के अधिकारियों से मामला छिपाए रखा। दवा वितरण में लापरवाही बरतने पर फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने बताया कि जेल अधीक्षक आशीष तिवारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
जिला जेल की सर्किल नंबर-3 के हाता नंबर 11 व 15 के कैदियों ने सोमवार रात खाना खाने के बाद दवा ली। इसके बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। यह सिलसिला रातभर चला और बीमार मरीजों की संख्या सवा सौ पहुंच गई। जेल प्रशासन ने इन्हें एंबुलेंस व स्ट्रेचर से जेल अस्पताल में शिफ्ट कराया। 
उधर, जेल प्रशासन के मुताबिक, दो दर्जन कैदियों को तबीयत बिगड़ने पर जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद इनकी स्थिति सामान्य है। सूत्रों की मानें तो भर्ती 30 कैदियों में छह की हालत नाजुक है। इमरजेंसी की स्थिति में एंबुलेंस तैयार रखी गई हैं। एंबुलेंस चालक को जेल में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। 
जेल प्रशासन के मुताबिक, फार्मासिस्ट आशीष कुमार ने कैदियों को एंटी एलर्जी की सिट्रीजन की जगह हेलोपेरिडोल दवा दे दी। इससे कैदियों को तबीयत बिगड़ गई। किसी को जान का खतरा नहीं है।
इस संबंध में कारागर अपर महानिरीक्षक डॉ. शरद कुलश्रेष्ठ ने बताया कि एंटी एलर्जी के लिए कैदियों को सिट्रीजिन दी जानी थी। फार्मासिस्ट ने इसके बजाय हेलोपेरिडोल दवा दे दी। यह हाई पावर दवा होती है, नतीजतन कैदियों के हाथ पैर ऐंठना, नींद व बेहोशी होने लगी। इस पर सभी को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की पड़ताल की जा रही है।