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वाह रे स्वास्थ्य विभाग: ‘हथियार’ थमा दिया, नहीं दी चलाने की ट्रेनिंग, कैसे मानें सही हो रही है जांच?, नोडल अफसर हैरान!
July 10, 2020 • सुरोजीत चैटर्जी • वाराणसी-चंदौली

बेसहुपुर गांव पहुंचे अपर मुख्य सचिव एवं जनपद के नोडल अफसर हुए हैरान

घर-घर कोरोना की जांच व संबंधित टीमों द्वारा दी जा रही रिपोर्ट की यह है हकीकत

- बगैर मास्क घूमते दिखे स्कूल स्टाफ, जांच टीम की एएनएम उपकरणों के प्रयोग से अनजान

- तीन दिनी दौरे पर पहुंचे डॉ. देवेश चतुर्वेदी से एएनएम ने कहा रू नहीं मिला है इसका प्रशिक्षण

- हद है: नहीं जानते कि थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर को कैसे किया जाता है ऑपरेट
- सर्किट हाउस में अधिकारियों संग मीटिंग के दौरान नोडल अफसर ने जता दी सख्त नाराजगी

- जांच टीमों को मुहैया कराए गये उपकरणों के प्रयोग के विषय में ट्रेनिंग दिलाने के दिये निर्देश

सुरोजीत चैटर्जी
वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के इस संक्रमण काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कई स्तर से उपलब्धियों के दावे किये जा रहे हैं। कसीदे पढ़े जा रहे हैं। दिल्ली तक से यहां के ‘योद्धाओं’ पीठ थपथपायी जा रही है। तमाम लोगों को ‘कोरोना वारियर्स’ के तौर पर नवाजा जा रहा है। डोर टू डोर लोगों की जांच का खम ठोक रहे हैं। उसके बावजूद कोरोना पॉजिटिव के बढ़ते केस पब्लिक को हैरानी में डाल रहे हैं। इसकी वजह भी है। जनपद में कम से कम पॉजिटिव केस पाये जाने के बारे में शासन-प्रशासन के दावों के बीच तस्वीर का दूसरा पहलू बेहद चौंकाने वाला है।
जनता को जागरूक करने में अध्यापकों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। एक स्कूल में स्टाफ ही मास्क लगाए बगैर दिखे। दूसरी ओर, जिन्हें परीक्षण के लिए थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर थमाया गया है, उन्हें जानकारी ही नहीं है कि इन उपकरणों का प्रयोग कैसे करते हैं। जी हां, कोरोना से बचाव के लिए न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार हो रहा है लेकिन जनपद के एक विद्यालय के स्टाफ मास्क लगाए बगैर काम दिखे। दूसरी ओर, इस महामारी के संक्रमण संबंधी जांच के लिए ‘हथियार’ दे दिये गये हैं लेकिन उन्हें ‘चलाएं कैसे’, इस बारे में ट्रेनिंग ही नहीं मिली है।
ऐसी ही एक जांच टीम में लगायी गई स्वास्थ्य विभाग की एक एएनएम न तो थर्मल स्कैनर के प्रयोग के बारे में बता सकीं और न ही उन्हें पल्स ऑक्सीमीटर के बारे में कुछ पता है। मॉडल ब्लाक बनाये जा रहे सेवापुरी विकास खंड के बेसहुपुर गांव में शुक्रवार को पहुंचे सूबे के अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी के सामने ऐसा ही मामला आया। वह तीन दिनी दौरे पर शुक्रवार की सुबह आये। डॉ. चतुर्वेदी ने पहुंचते ही बेहसुपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बैठक बुलायी थी। मौके पर स्कूल स्टाफ बिना मास्क लगाए दिखे।


वहीं, जांच टीम में तैनात एक एएनएम से डॉ. चतुर्वेदी ने थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर के प्रयोग के बारे में पूछ लिया। एएनएम बगलें झांकने लगी और इन उपकरणों के प्रयोग के बारे में अनभिज्ञता व्यक्त की। नोडल अफसर ने जब कारण पूछा तो एएनएम ने बताया कि इन उपकरणों का प्रयोग करने के लिए हमें प्रशिक्षित नहीं किया गया है। डॉ. चतुर्वेदी को कोरोना संक्रमण की समीक्षा के लिए लॉक डाउन के दौरान जनपदों में की जा रही कार्यवाही और तय नियमों व मानकों के पालन की स्थिति का जायजा लेने के लिए वाराणसी जनपद का नोडल अफसर बनाया गया है।
थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर के प्रयोग से अनजान सिर्फ एएनएम के इस उदाहरण से अंदाजा लगायाजा सकता है कि जिले में घर-घर चल रही जांच की हकीकत क्या है। किस स्तर पर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के दल जनता का परीक्षण कर क्या रिपोर्ट दे रहे हैं। एएनएम की ओर से दी गयी इस सफाई पर अपर मुख्य सचिव हैरान रह गये। बेसहुपुर से लौट कर सर्किट हाउस सभागार में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने रोष व्यक्त किया कि जांच के लिए जिन्हें थर्मल स्कैनर आदि दिये गये हैं, उनको प्रशिक्षित क्यों नहीं किया गया है।
मीटिंग में डीएम कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी, सीडीओ मधुसूदन हुल्गी, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह आदि थे। डॉ. चतुर्वेदी ने बीते पांच जुलाई से आगामी 15 जुलाई तक कोविड-19 के तहत चल रहे विशेष सर्विलांस अभियान में घर-घर पहुंच रहीं जांच टीमों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने कोविड-19 तथा संचारी रोग नियंत्रण के बारे में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कोरोना मरीजों की जांच गंभीरता के साथ हो और लोगों को सेंसेटाइज किया जाय।

अस्पतालों की ली जानकारी
सर्किट हाउस सभागार में बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने जिले में कोविड पीड़ित मरीजों के अलावा फाइलेरिया, कालाजार की रिपोर्ट तलब की और इलाज किये जाने की स्थिति के बारे में पूछा। डॉ. चतुर्वेदी ने अस्पतालों में साफ-सफाई, खाने की गुणवत्ता एवं किचन में सफाई सहित चिकित्सालयों में भर्ती गंभीर रूप से बीमार मरीजों के परिजनों को रोगी का हाल बताने पर भी जोर दिया। अपर मुख्य सचिव ने एल-1, एल-2 और एल-3 हॉस्पिटल समेत उनमें मरीजों की संख्या के बारे में पूछा। साथ ही एल-1 के मरीजों की मांग पर होटल में पेमेंट के आधार पर किये गये इंतजामों की जानकारी ली।

डेंगू के बारे में करें जागरूक
बैठक के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. देवेश चतुर्वेदी को बताया गया कि हवाईअड्डे के निकट स्थित संजय मोटल्स में ऐसे मरीजों के लिए प्रबंध किये गये हैं। इस अपसर मुख्य सचिव ने आगामी 15 जुलाई से संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ‘दस्तक अभियान’ के अंतर्गत घर-घर जाकर जांच करने और शहर से लेकर गांवों तक फॉगिंग के लिए बनायी गयी कार्ययोजना की जानकारी ली। बीते साल जनपद में डेंगू के 522 मरीज पाये जाने की जानकारी पर नोडल अधिकारी डॉ. चतुर्वेदी ने जनता में जागरूकता बढ़ाने, एंटी लार्वा स्प्रे तथा फॉगिंग के चाक-चौबंद इंतजाम पर बल दिया।

घर के कबाड़ में पानी दिखा तो चालान
- सर्किट हाउस सभागार में बैठक के दौरान डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नगर निगम के बाईलाज में यह प्राविधान कराएं कि घर में पड़े कबाड़, कूलर या ऐसी चीजें जिनमें पानी इकट्ठा हो और डेंगू, मलेरिया आदि बीमारी फैलाने वाले मच्छरों को पनपने का साधन मिले तो उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा सके। पॉलीथीन पर रोक संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाय। टिड्डी दल की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने सीडीओ को 15 दिन के भीतर जिले के किसानों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाने को कहा। उन्होंने डीडी कृषि को ट्रैक्टर माउंटेड पावर स्प्रे खरीदने के लिए किसानों के बातचीत कर विभागीय स्तर पर इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

नगर आयुक्त ने बतायी तैयारी
- मीटिंग में नगर आयुक्त गौरांग राठी ने अपसर मुख्य सचिव को बताया कि शहरी इलाके में नगर निगम के सफाई इंस्पेक्टर खाली प्लाटों में एकत्र पानी को खाली कराने और पानी में मच्छरों को मारने के लिए दवा डालकर कार्यवाही की जाती है। डीएम कौशल राज शर्मा ने नगर आयुक्त और एसडीएम को निर्देश दिया कि जगह-जगह पड़े कूड़े की सफाई तथा नाले और नालियों की सफाई तत्काल प्राथमिकता पर शुरू करा दें। मीटिंग के बाद नोडल अफसर से नगर आयुक्त के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया।