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वाह रे नगर पंचायत! मौत 2009 में और मृत्यु प्रमाण पत्र 2005 का, अब पीड़ित के जमीन पर भूमाफियाओं कर रहे कब्जा
August 19, 2020 • अनुराग सिन्हा • इलाहाबाद


जनसंदेश न्यूज़
जौनपुर/मछलीशहर। नगर पंचायत की एक गंभीर लापरवाही से एक मृत व्यक्ति की चल अचल संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर पंचायत ने एक व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र उसकी मृत्यु से पांच वर्ष पहले ही जारी कर दिया। परिजनों को जब जानकारी हुई तो अब उक्त फर्जी प्रमाण पत्र को निरस्त कराने के लिये दौड़ भाग कर रहे है।
बताया गया कि कस्बे के मीरपुर खास निवासी शमसेर सिंह पुत्र शंकर सिंह की वास्तविक मृत्यु पांच जनवरी सन 2010 को हुयी थी। लेकिन नगर पंचायत कार्यालय ने उनकी मृत्यु सन 2005 में ही दिखाते हुये प्रमाण पत्र संख्या डी 2018/19, 90586000167 जारी कर दिया था। चूँकि मृतक की शादी नहीं हुई थी और वह चल अचल संपत्ति का मालिक था, इसलिए कुछ भू माफिआओं ने उनकी संपत्ति हड़पने के लिये उनका फर्जी प्रमाण पत्र बनवा दिया। वर्तमान मे जब मृतक के सही वारिसदारों उनके भतीजे बालिग हुये तब उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। जिसके बाद प्रदीप सिंह ने नगर पंचायत मे शपथपत्र देकर फर्जी प्रमाणपत्र निरस्त करने की मांग की है। 
प्रदीप ने बताया कि मृतक शमसेर ने दिसंबर 2009 मे तहसील आकर बैनामा भी किया था। जब वह 2009 में जीवित थे तो नगर पंचायत ने 2005 में ही कैसे उनकी मृत्यु दिखाते हुये प्रमाणपत्र जारी कर दिया। अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिस कर्मचारी ने जारी किया है उसके खिलाफ जांचोपरान्त कार्यवाही की जायेगी।