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सचिव द्वारा किये गये 9.5 लाख के गबन मामले में सीडीओ के पत्र से नया मोड़, डीपीआरओ ने जांच में सही पाये थे आरोप
June 26, 2020 • अनूप मिश्रा • इलाहाबाद


डीडीओ और जेई जिला ग्राम्य अभिकरण को पुनः जांच के आदेश

जनसंदेश न्यूज़
हनुमानगंज/प्रयागराज। विकास खण्ड बहादुरपुर के कसेरुआ कलां गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा साढ़े नौ लाख के गबन मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज के पत्र दिनांक 22-6-20 से नया मोड़ आ गया है। सीडीओ ने वीडीओ के प्रत्यावेदन पर पुनः डीडीओ प्रयागराज व जेई ग्राम्य विकास अभिकरण को संयुक्त जांच के निर्देश दिए है। साथ ही जांच आने तक आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही न करने की हिदायत दी है। 
उक्त विकास खण्ड के कसेरुआ कलां गांव के प्रधान द्वारा आरोप लगाया गया कि पिछले तीन माह पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा डोगंल के सहारे ग्राम सभा के खाते से आहरित कर लिया तथा ऐसी संस्था के नाम भुगतान कर दिया, जिसका जीएसटी नम्बर निरस्त हो गया है। संस्था ब्लॉक में तैनात तकनीकी सहायक की पत्नी के नाम पर चलाया जा रहा है। प्रधान की शिकायत पर सारे आरोप सही पाये जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी ने दिया था।
जिस पर ब्लॉक कर्मियों ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। ग्राम पंचायत अधिकारी के प्रत्यावेदन पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मामले की जांच जिला विकास अधिकारी व सहायक अभियंता जिला ग्राम विकास अभिकरण को संयुक्त रुप से एक सप्ताह में करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि जांच के दौरान कोई अन्य प्रभावी कार्रवाई आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ न की जाय। सीडीओ के उक्त आदेश पर रामनाथपुर के ग्राम प्रधान व अखिल भारतीय पंचायत परिषद के सत्येन्द्र त्रिपाठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी अपने मातहतों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करना चाहते हैं, उनका बचाव करने में लगे हुए हैं।