ALL जनसंदेश एक्सक्लूसिव वाराणसी-चंदौली मीरजापुर-सोनभद्र-भदोही जौनपुर-गाजीपुर आजमगढ़-मऊ बलिया इलाहाबाद देश-विदेश करोना वायरस मनोरंजन/लाइफस्टाइल
सात महीने से फरार, फर्जी शिक्षिका गिरफ्तार, बच्चों को अंग्रेजी ना पढ़ा पाने पर शक के दायरे में आई शिक्षिका
June 24, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • वाराणसी-चंदौली


जांच में डिस्पैच नंबर व जेडी के फाइल मिलें फर्जी

गिरोह की मास्टर मांइड से पकड़ से दूर   


जनसंदेश न्यूज 
मरदह/गाजीपुर। कोतवाली थाना अंतर्गत सुभाष नगर मियापुरा से फर्जी  शिक्षिका कुमारी कल्पना को उसके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस शिक्षिका से पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया। मामला हाइप्रोफाइल होने की वजह से पूरे जिलें में चर्चा बना हुआ है। दरअसल, जिलाविद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने शिक्षिका पर फर्जी स्थानांतरण पत्र के मामले में सात महीने पूर्व मुकदमा दर्ज कराया था।
थाना क्षेत्र स्थित जनता आदर्श इंटर कॉलेज लहुरापुर में कल्पना राय पत्नी रविशंकर राय निवासी रेवतीपुर विगत जुलाई 2019 को अंग्रेजी की शिक्षिका के पद पर तैनाती के लिए पहुंची थी। प्रबंधक को कुमारी कल्पना ने राम बाबा विद्या मंदिर इंटर कालेज राम बाबा अंबेडकर से जनता आदर्श इंटर कालेज लहुरापुर मरदह में स्थानांतरण पत्र की सूची में 560वां नंबर दिखाकर ज्वाइनिंग कराने को कहा। साथ ही अंग्रेजी शिक्षक के पद पर अपनी तैनाती के लिए डायरेक्टर का पत्र भी दिखाया। 
शिक्षिका द्वारा दिखाए दस्तावेज के आधार पर प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने ज्वाइनिंग कराई। हालांकि प्रबंधक एवं प्रिसिंपल ने उसे तैनाती देने के साथ ही अंग्रेजी की कक्षा में पढ़ाने को कहा, लेकिन वह पढ़ा नहीं सकी। शिक्षिका की इस अज्ञानता पर प्रिंसिपल को मामला संदिग्ध लगा। लिहाजा, प्रिंसिपल ने शिक्षिका से उसके पूरे प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराने को कहा। शिक्षिका हमेशा आज कल कह कर टालती रही। जिसके बाद प्रबंधक और प्रिंसिपल ने विगत 9 सितंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर लिखित रूप से शिकायत किया। 
जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच टीम गठित कर दिया। टीम की जांच में मामला फर्जी निकला। अंबेडकर नगर में इस नाम की कोई शिक्षिका है ही नहीं। वहीं, निदेशालय से विभाग को पत्र आया कि शिक्षिका पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाय। जिसके बाद तत्त्परता दिखाते हुए डा. ओपी राय ने विगत छह नवंबर को शिक्षिका के खिलाफ जालसाजी के मामले में मरदह में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। जांच में फर्जी शिक्षिका कल्पना के मामले में डिस्पैच नंबर व जेडी के फाइल तक फर्जी थे। 
शिक्षिका ही नहीं, डिस्पैच नंबर और जेडी के सिग्नेचर भी फर्जी घोषित हुआ था।  जिसकी गिरफ्तारी बुधवार को शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत सुभाष नगर मियापुरा शिक्षिका के आवास से सुबह आठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष मरदह शरदचंद्र त्रिपाठी ने बताया महिला फर्जी तरीके से विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षिका के तौर पर नौकरी कर रही थी। जिसके खिलाफ विद्यालय के प्रबंधक ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसको गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
इधर शिक्षिका प्राथमिकी दर्ज होते ही जिले से फरार हो गई। काफी दिनों से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। इसके गिरफ्तार होते ही पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं शिक्षा जगत में इसकी गिरफ्तारी को लेकर तरह तरह के सवाल उठने लगें। आखिर शिक्षिका किसके इशारे पर फर्जी स्थानांतरण पत्र लेकर कालेज पर पहुंची। सूत्रों का मानना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात दबंग बाबू जिसकी विभाग में दबदबा कायम है। वह इस शिक्षिका को अपने साथ कालेज पर तैनाती कराने ले गया था। लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में असंतोष बना हुआ है।