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राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीचड़ ही कीचड़, लापरवाही बना जी का जंजाल, बारिश में खुली पोल, नितिन गडकरी ने किया था शिलान्यास
June 25, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू   • जौनपुर-गाजीपुर


जंगीपुर से मटेहूं तक अधूरा निर्माण लोगों के लिए बना जंजाल 

जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन निर्माणाधीन सड़क पर यात्रा मुसीबत का सबब बना हुआ है। सड़क निर्माण कार्य गति धीमी एवं कंपनी की  लापरवाही से ग्रामीण तथा राहगीर काफी आक्रोशित है। एक सप्ताह की बारिश ने पूरे सड़क निर्माण की पोल खोल दी है। मऊ से गाजीपुर के बीच की सड़क का खस्ताहाल हो गया है। कीचड़ भरे सड़क में चलना राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। एनएचएआई के अफसर-ठेकेदार मानक की अनदेखी कर कार्य करा रहे है।   
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग पर जंगीपुर से मटेहूं तक करीब 25-30 किमी मार्ग पिछले कई महीनों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। इस सड़क की निर्माण  एनएचएआई विभाग दो वर्ष से अधिक समय से कर रहा है। जबकि इस समय कंपनी द्वारा सड़क निर्माण कार्य में तेजी आई है। लेकिन जगह-जगह मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। जिससे बारिश के पानी से पूरा सड़क कीचड़ में तबदील हो गया। जगह-जगह बड़े गडढ़े हो गए है। राहगीरों को सड़क खोजकर चलना पड़ रहा है। 
जंगीपुर से मटेहूं तक लगभग 25 से 30 किमी मार्ग के दोनों ओर बसे लोगों और यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों के चेहरे पर कीचड़ का छीटा चला जा रहा है। इधर कंपनी ने सड़क का एक लेन का निर्माण कर बिना डाइवर्जन के ही छोड़ दिया है। वाहन चालक को रात में रास्ता खोजना पड़ता है। हालांकि कंपनी निर्माणाधीन सड़क को चालू कर सकती है। लेकिन उनकी लापरवाही से यह कार्य नहीं हो पा रहा है। वहीं सड़क मरम्मत कार्य नहीं होने से अधिकारियों और वर्तमान जनप्रतिनिधियों की पोल खोल रहे है। इस संबंध में कंपनी जेपी गु्रप जनरल मैनेजर अशोक गुप्ता ने बताया कि सड़क निर्माण अपने तय समय पर पूरा हो जाएगा। राहगीरों को जो दिक्कत हो रही है जल्द ही सही करा दिया जाएगा।

प्रमुख चौराहों व सड़कों के बुरे हाल
मरदह टैक्सी स्टैंड, मटेहू पुलिस चौकी के सामने शेखपुर, भड़सर तथा बरही बाजार के पास खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। बारिश के पानी से सड़क पर आने वाले वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे कई बार बाइक चालक संतुलन बिगड़ने से गिर जाते हैं। ग्रामीणो ने कहा कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं होता है तो सड़क के लिए आंदोलन किया जाएगा।

तीन साल बाद भी नहीं हुआ एक चौथाई कार्य  
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2016 में किया था। यूपी में जब भाजपा की सरकार बनी तो अप्रैल 2017 से निर्माण कार्य शुरू हुआ। फोरलेन का निर्माण अक्तूबर 2019 तक पूरा होना है, लेकिन काम की गति बेहद खराब है। इस सड़क का अभी एक चौथाई फीसदी काम ही पूरा हो सका है। यह काम एनएचएआई का गोरखपुर डिवीजन करा रहा है।
गोरखपुर से गाजीपुर तक 131 किलोमीटर सड़क का निर्माण गोरखपुर डिवीजन को कराना है। इसकी लागत 1870 करोड़ है। सड़क निर्माण मे एनएचएआई के अधिकारियों की मनमानी के कारण जनता परेशान है। एनएचएआई प्रभारी नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसरों के साथ संपर्क नहीं हो पाया।