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राज्यपाल आनंदीबेन ने बनारस के जनप्रतिनिधियों व आला अफसरों से किया संवाद
July 9, 2020 • सुरोजीत चैटर्जी • वाराणसी-चंदौली

बच्चों आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नींव करें मजबूत: राज्यपाल

- आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा-दिशा बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के दिये सुझाव

- डीएम कौशल राज शर्मा के लखनऊ कार्यकाल में हुई पहल बनारस में भी हो आरंभ

- जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं से किया आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने का आह्वान


सुरोजीत चैटर्जी
वाराणसी। सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों में संस्कार और अनुशासन संग उनकी शिक्षा एवं स्वास्थ्य को नींव से ही मजबूत करने पर बल दिया है। इसके लिए उन्होंने प्राथमिक स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों को आधार बनाने के निर्देश दिये हैं। उन केंद्र परिसर के भीतर और बाहर की दीवारों पर शिक्षाप्रद चित्र बनवाने समेत हिंदी-अंग्रेजी में फल, फूल, सब्जी, जीव-जंतु, मानव शरीर के चित्र, गिनती, पहाड़ा और ए से जेड तक की स्पेलिंग आदि को पेंट कराने को कहा है। ताकि आंगनवाड़ी केंद्र आने वाले बच्चों का ज्ञानवर्द्धन हो।
श्रीमती पटेल गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही थीं। कमिश्नरी स्थित जिला सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में यह आयोजन था। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों में पारिवारिक संस्कार पैदा करने के लिए सेंटर की दीवारों पर पर माता-पिता, दादा-दादी, मामा-मामी, नाना-नानी आदि रिश्तों की जानकारी उकेरने पर जोर दिया। साथ ही आदर्श आचरण व संस्कार बोध के लिए भी पेंटिंग के जरिये संदेश लिखवाने के निर्देश दिये।
राज्यपाल ने 15 अगस्त, 26 जनवरी और दो अक्टूबर जैसे राष्ट्रीय पर्व के बारे में बच्चों को जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर चित्रकारी कराने को कहा। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पाठ्यक्रम बनाने और किट तैयार कर जनसहभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। केंद्रों पर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति तय करने और बच्चों को माह में एकबार गांव के मंदिर, खेत, तालाब, पंचायत भवन, सीएचसी-पीएचसी आदि का भ्रमण कराने को कहा। उन्होंने वर्ष में 40-50 दिन ऐसे क्रियाकलाप कराने पर बल दिया।
श्रीमती पटेल ने पार्षदों को अपने-अपने वार्ड के आंगनवाड़ी केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिये। उन्होंने आम जनता को अपने घर के किसी सदस्य का जन्मदिन समारोह क्षेत्रीय आंगनवाड़ी केंद्र पर मनाने तथा मौके पर बच्चों को ज्ञानवर्धक किताबें भेंट करने की अपील की। राज्यपाल ने वाराणसी के जनप्रतिनिधियों औक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह आंगनवाड़ी केंद्र गोद लेकर सुनिश्चित करें कि वहां कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। रेड जोन के बच्चों को पौष्टिक खाद्य-पदार्थ उपलब्ध कराएं ताकि वह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ कर सके। रेड जोन के बच्चों के इलाज में मदद करें। कोराना महामारी के बाद स्थिति सामान्य होने पर क्षेत्र के बच्चों का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्रों में कराएं। हर साल जून माह में तीन दिनी एडमिशन फेस्टिवल मनाया जाय।
उन्होंने डीएम कौशल राज शर्मा के लखनऊ कार्यकाल के दौरान आरंभ किये गये ‘पढ़े लखनऊ’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए वाराणसी में भी ऐसी पहल शुरु कराने को कहा। राज्यपाल ने कई अन्य निर्देश भी दिये। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी, भाजपा के सुनील ओझा, एमएलसीद्वय डॉ. लक्ष्मण आचार्य, अशोक धवन, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सुरेंद्र नारायण सिंह तथा नीलरतन पटेल ‘नीलू’, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, नगर प्रमुख मृदुला जायसवाल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी आदि भी थे।