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राजनीति: जिसका नाम है, वहीं तो बदनाम है, प्रयागराज में पकड़े गए 11.5 कुंतल गांजा का मामला
September 17, 2020 • घनश्याम सागर • कानपुर-गोरखपुर

मुख्य सरगना है, गुड्डू उर्फ विजय राय

आरोपी के नाम का सहारा लेकर कुछ लोग राजनीति में बिछा रहे शतरंज



जनसंदेश न्यूज़
तमकुहीराज/कुशीनगर। बिहार सीमा से लगा कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील तस्करी और आपराधिक गतिविधियों को लेकर कई दशकों से चर्चा में है। काले कारोबार का यहीं खेल आजकल राजनीति को पंख लगा रहा है। और कुछ लोग नाम के मेल को लेकर बदनाम हो रहें। तभी तो सच्चाई से पर्दा उठते ही लोगों के जुबान से बोल फुट रहें कि जिसका नाम है, वहीं तो बदनाम है।

बीते दिनों एसटीएफ और नारकोटिक्स ब्यूरो ने नैनी, प्रयागराज में ट्रक में भूसे के अंदर छुपा कर ले जाये जा रहे लगभग साढ़े ग्यारह कुंतल गांजा बरामद करते हुए तस्करी में संलिप्त नौ लोगों को गिरफ्तार करने में सफल हुई थी। उनमें छः आरोपी जनपद के थाना सेवरही व तरयासुजान के विभिन्न गांवों के होने के कारण तमकुहीराज की चर्चा आम हो गयी। 

राजनीति में रुचि रखने वाले कुछ लोगों के हाथों इलाहाबाद से छपने या फिर वहां बिकने वाले समाचार पत्रों में छपी गांजा बरामदगी की खबर हाथ लग गयी। जिसमें इस गांजा तस्कर का मुख्य सरगना गुड्डू राय उर्फ विजय राय, जनपद कुशीनगर का निवासी बताया गया था। फिर क्या राजनीति में शह और मात का शतरंज बिछाना शुरू कर दिया। 

सूत्र तो यहां तक बताते है कि भाजपा के कुछ नेता पार्टी में अपने से बहुत आगे निकल चुके पूर्व प्रमुख विजय कुमार राय व वर्तमान प्रमुख वशिष्ठ राय उर्फ गुड्डू राय को ही मुख्य आरोपी बता अपने पैर में बिना चुभे कांटे को निकालना शुरू कर दिया। जबकि सच्चाई ठीक इसके विपरीत बताया जा रहा है। पकड़े गये आरोपियों में एक राजन राय पुत्र रबिन्द्र राय निवासी बांकखास थाना तरयासुजान, जनपद कुशीनगर भी है। जिनके बड़े भाई का नाम गुड्डू राय उर्फ विजय राय है, जो ट्रक चालक बताया जा रहा। इसकी पुष्टि ग्रामीण के पुलिस से जुड़े सूत्र भी तस्दीक कर रहें।

पूरी घटना का पटाक्षेप एसटीएफ और नारकोटिक्स ब्यौरों के जांच के बाद ही होगा कि इनकी भूमिका क्या थी, लेकिन कुछ राजनैतिक लोग इसका बिना तहकीकात किये ही इन्हीं नामों के सहारे नाम और बदनाम को लेकर शतरंज का जाल बिछाना शुरू कर दिया। भाजपा से जुड़े सूत्र बताते है कि कुछ नेता अपना रास्ता साफ करने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक संगठन और मंत्री तक यह फरियाद लेकर पहुंच गये कि आप लोग जिन्हें सबसे अधिक महत्व देते है, उनका असली चेहरा यह है। सूत्र तो यह भी बताते है कि अब धीरे-धीरे सब कुछ साफ होने लगा है, और अपने ही पार्टी के नेता के खिलाफ आरोपों की लंबी लिस्ट लेकर घूमने वाले लोग खुद ........?

खैर यह पार्टी के अंदर की बात है, लेकिन इस घटना के बाद यह सत्य भी उतना ही बलवतिी होता जा रहा है कि कुछ नेता अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गोलबंदी की बड़ी कहानी लिखने का सूत्रपात कर चुके है।