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प्रधान ने विकास कार्यों में बरती अनियमितता, जांच को पहुंची आठ सदस्यीय टीम को करना पड़ा विरोध सामना, जांच बीच में छोड़ लौटे
September 10, 2020 • आशीष निषाद • लखनऊ

जिन बिंदुओं पर जांच की मांग की गई थी, उन का जिक्र ना देख भड़के ग्रामीण

जनसंदेश न्यूज़
अतरौलिया/आजमगढ़। कोयलसा विकासखंड के डोमनपुर गांव निवासी फूलचंद ने गांव के ही प्रधान के खिलाफ विकास कार्यों में बरती गई अनियमितता को लेकर सीडीओ से शिकायत की। फूलचंद ने गांव में कराये गये विकास कार्यों की जांच कराये जाने की मांग करते हुए सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। प्राप्त प्रार्थना पत्र के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीआरओ ने खंड विकास अधिकारी कोयलसा को जांच का निर्देश दिया है। हालांकि इस पर फूलचंद द्वारा आपत्ति जताने के बाद जिलाधिकारी डिप्टी डायरेक्टर उद्यान विभाग आजमगढ़ रेंज के नेतृत्व में गांव में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए 8 सदस्यीय टीम नामित की है। टीम में अपर अधिकारी उद्यान विभाग, उद्यान निरीक्षक, अवर अभियंता ग्रामीण समेत जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

बता दें कि प्रार्थी फूलचंद ने खड़ंजा, नाली, हैंड पाइप ,सोलर लाइट, एलईडी, सोडियम लाइट आदि के बाबत जांच हेतु निम्नलिखित 50 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट मांगी थी। जाँच में ग्रामीणों द्वारा जब इसका विरोध होने लगा तो जांच अधिकारी जांच करना बंद कर दिए। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जिन 50 बिंदुओं पर हम लोगों ने जिलाधिकारी से जांच करवाने की मांग की थी वह कॉपी इसमें है ही नहीं, जिस पर बाकायदा लिखा गया था की कॉपी संलग्न है। लेकिन अधिकारियों द्वारा जो कॉपी दिखाई गई उसमें उन 50 बिंदुओं का कोई जिक्र नही था इसलिए ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके बाद जांच अधिकारी जांच को रोक कर चले गए।

जांच न होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है, वही ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में घोर अनियमितता की गई है। जिसकी जांच सही तरीके से होनी चाहिए। जांच अधिकारी डिप्टी डायरेक्टर उद्यान विभाग, मनोहर सिंह ने बताया कि यह त्रिस्तरीय जांच हो रही है। जिसमें आर यस के अभियंता, जांच अधिकारी तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस कर्मी भी लगाए गए हैं। वहीं जांच के लिए 8 सदस्यो की टीम लगाई गई है तथा ग्राम प्रधान से साक्ष्य के रूप में अभिलेख भी मांगे गए हैं। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई निष्पक्ष रुप से की जाएगी, एक ही दिन में पूरी जांच होना संभव नही।