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पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति बनीं प्रो. निर्मला एस. मौर्य
August 14, 2020 • जितेंद्र श्रीवास्तव • वाराणसी-चंदौली
नयी शिक्षा नीति को लागूू कराना बड़ी चुनौती, सोमवार को करेंगी ज्वाइंन
 
शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों के हितों की ध्यान रखना प्राथमिकता
 
जितेंद्र श्रीवास्तव
वाराणसी। तमिलनाडु हिन्दी साहित्य अकादमी की अध्यक्ष एवं उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा मद्रास की पूर्व कुलसचिव प्रो. निर्मला एस. मौर्य को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर का कुलपति बनाया गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. निर्मला एस. मौर्य की नियुक्ति की घोषणा की। प्रो. निर्मला एस. मौर्य की कुलपति पद पर नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए होगी।
‘जनसंदेश टाइम्स’ से खास बातचीत में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की नवनियुक्त कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि नयी शिक्षा नीति को लागू कराना बड़ी चुनौती है। यह बात मैंने महामहिम राज्यपाल को भी बता दिया है। महामहिम राज्यपाल से तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई है। फिर भी, शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रखना मेरी पहली प्राथमिकता में होगी। गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए दो या तीन का वर्कशॉप अवश्य रखूंगी ताकि वे अपग्रेड हो सके। विश्वविद्यालय की बुनियादी सुविधाओं को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नये-नये कोर्स चलाना उनकी हावी रहीं है और इसमें सफलता भी मिली। यहां भी इसे प्राथमिकता पर लागू करूंगी, ताकि आज के युवा अपने पांव पर खड़े हो सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ नारें को चरितार्थ करूंगी।
प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि मद्रास के तर्ज पर यहां भी महिलाओं के उत्थान के लिए काम करूंगी, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ा होकर अपना और अपने परिवार की अच्छी तरह देखभाल कर सकें। महिलाओं व दिव्यांगों के लिए मुख्य शिक्षा योजना लागू करना, आर्थिक रूप से कमजोरों की मदद करना मेरी प्राथमिकता में शामिल है, इसे यहां भी लागू करूंगी। उन्होंने बताया कि वह सोमवार को नया दायित्व ग्रहण करेंगी। बाबा भोलेनाथ ही मुझे वहां भेज रहे हैं। उनके आर्शीवाद से ही मैं अपने मकसद में सफल होने का पूरा प्रयास करूंगी।