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पीडब्ल्यूडी : क्या..वाराणसी में सुसाइड कांड की गाजीपुर में होगी पुनरावृत्ति?
September 15, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • पूूर्वांचल

अतिरिक्त मद का बिल बनाकर उतार लिए पांच करोड़

अधिशासी अभियंता के सह पर अवर अभियंता का विभाग में वर्चस्व

उप मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी नहीं एक्शन

डिप्लोमा इंजीनियर संघ मुख्य अभियंता विभागीय कमियों से कराया अवगत



जनसंदेश न्यूज़
गाजीपुर। पीडब्ल्यूडी में प्रांतीय खंड अधिशासी अभियंता की विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर करोड़ांे के घोटाले करने का मामला सामने आया है। एक्सईएन के चहेते अभियंता द्वारा अतिरिक्त मद में दस करोड़ का बिल बनाकर पांच करोड़ तक का गबन किया गया है। विभाग में चहेते ठेकेदारो को कार्य देकर पंजीकृत ठेकेदारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पूरे मामले की ठेकेदार संघ ने विभागीय अधिकारियों से लेकर संबंधित मंत्री तक लिखित शिकायत किया है। लेकिन अभी तक शासन व विभागीय उच्च अधिकारियों ने  अधिशासी अभियंता और चहेते सहायक अभियंता पर कोई कार्रवाई नहीं किए है। ठेकेदार विभाग में मनमाने कार्य तथा अधिकारियों की उत्पीड़न को लेकर आत्महत्या तक की चेतावनी दे चुके है।

लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रांतीय खंड-3 एवं निर्माण खंड-3 में सड़क निर्माण कार्यो में जबरस्त अनियमितता के साथ बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार द्वारा सहायक अभियंता राकेश कुमार को विभाग में कई खंडो सहित स्टोर का भी चार्ज दिया गया है। जिससे इस सहायक अभियंता का विभाग में वर्चस्व कायम है। मनमाने तरीके से कार्य करते हुए अतिरिक्त मद में चार से पांच करोड़ तक का गबन किया है। इतना ही नहीं विभाग में सहायक अभियंता रहते हुए विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए इन्हें कई खंडो का चार्ज दिया गया है। जिसकी शिकायत ठेकेदारों के संगठन ने विभागीय अधिकारी से लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक किया है। लेकिन आज तक इन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने मुख्य अभियंता से की शिकायत  

गाजीपुर। डिप्लोमा इंजीनियर संघ द्वारा भी विभाग की अनियमितताओं को उजागर करते हुए मुख्य अभियंता क्षेत्र लोक निर्माण विभाग वाराणसी को उक्त सहायक अभियंता को निर्माण खंड तीन से कार्यमुक्त करने हेतु लिखा गया। संघ ने पत्र के माध्यम से बताया कि प्रांतीयखण्ड में तीन सहायक अभियंताओं एवं निर्माण खंड 3  में कार्यरत दो अतिरिक्त सहायक अभियंताओं की अनदेखी करते हुए दोनों खंडों में करीब 75 प्रतिशत कार्यों का चार्ज सहायक अभियंता राकेश कुमार को दिया गया है। 

परंतु यहां कर्मचारियों को डराकर अन्य संघों द्वारा अपने पक्ष में पत्र लिखवाकर स्वाजातीय अधिशासी अभियंता की तरफ से कार्यमुक्त ना करते हुए मुख्य अभियंता वाराणसी क्षेत्र को पत्र लिखवा दिया गया। जिससे आज भी वह निर्माण खंड -3 में दो सहायक अभियंता रहते हुए भी वहां के भी चार्ज में बने हुए है। ठेकेदारों ने चेतावनी दिया है कि इनके उक्त कारनामो से आजिज आकर संभावना है कि वाराणसी में ठेकेदार द्वारा की गई आत्महत्या की पुनरावृत्ति पुनः जनपद गाजीपुर में भी घटित हो सकती है। विभागीय अधिकारी एवं मंत्री से मांग किया कि उक्त का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच कराकर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें। इस मामले में अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिए। उनका कहना था कि पूरे जिले में सिर्फ हमारे यहां एक सहायक अभियंता ही दिखाई पड़ रहा है।