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पीडब्ल्यूडी: एक ही कार्य का दो बार भुगतान, सहायक अभियंता पर मेहरबान अधिशासी अभियंता
September 16, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • पूूर्वांचल

ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा

जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। पीडब्ल्यूडी विभाग में एक ही निर्माण कार्य पर दो बार भुगतान कर गबन का प्रयास किया गया है। जिसकी ऑडिट रिपोर्ट के खुलासा के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग द्वारा किए गए इस भ्रष्टाचार को ठेकेदार संगठनों ने उच्चाधिकारियों सहित विभागीय मंत्री तक को अवगत करा चुके है।     

पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रांतीय खंड अंतर्गत ग्राम सभा रानीपुर के रामधारी सिंह मंदिर के पास दोना नदी पर बन रहे चार करोड़ की लागत से लघु सेतु के कार्य पर  मिलीभगत करते हुए एक ही बिल जिसकी लागत 48 लाख का दो बार भुगतान कर गबन करने का प्रयास किया गया है। जिसकी पुष्टि ऑडिट टीम द्वारा माह नवंबर 2019 के अंतिम सप्ताह में हो रही ऑडिट में भी की गई है। विभाग की इस बड़े भ्रष्टाचार को ठेकेदार संगठन ने विगत माह पूर्व शिकायती पत्र के माध्यम से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से लगायत विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया था। 

पत्र के माध्यम से बताया था कि अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार के चहेते अवर अभियंता राकेश कुमार उक्त गबन में शामिल थे। इतने बड़े आरोप के बाद भी सहायक अभियंता राकेश कुमार विभाग में बने हुए है। स्वजातीय अधिशासी अभियंता पर आरोप लगाया कि मार्च 2019 में स्वजातीय तत्कालीन सहायक अभियंता राकेश कुमार के साथ मिलकर अनेकों बांड पर अतिरिक्त मद का बिल बनाकर करोड़ों रुपए फर्जी भुगतान कर गबन किया गया है। 

वर्तमान में भी स्वजातीय अधिशासी अभियंता के साथ मिलकर माह फरवरी 2020 में प्रांतीय खंड से लगभग 8 से 10 करोड़ का अतिरिक्त मद में बिल बनाकर एवं निर्माण खंड -3 के अंतर्गत लगभग 4 से 5 करोड़ का अतिरिक्त मद में बिल बनाकर फर्जी भुगतान कर गबन कर लिया गया है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता से उक्त के संदर्भ में वार्ता करने पर सहायक अभियंता से मिलीभगत के कारण उनका लगातार बचाव किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सहायक अभियंता पर अधिशासी अभियंता मेहरबान है। उनके आगे वह किसी की नहीं सुनते है।