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पहाड़िया मंडी के निलंबित डीडीसी को कोर्ट ने किया बहाल, संभाला कार्यभार, ठेकेदारों-कर्मचारियों में हड़कंप
June 29, 2020 • जितेन्द्र श्रीवास्तव • वाराणसी-चंदौली


नये घटनाक्रम से मंडी के ठेकेदारों व कर्मचारियों में फिर मचा हड़कम्प

पांच अधिकारियों, तीन ठेकेदारों समेत 10 लोगों पर कराया था गबन का केस


जितेन्द्र श्रीवास्तव
वाराणसी। पहड़िया मंडी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से हुए करोड़ों रुपये की घपलेबाजी को उजागर करने वाले उप निदेशक निर्माण (डीडीसी) राम नरेश को एक आरोप में निलंबित कर दिया गया था। लेकिन लखनऊ कोर्ट के निर्देश पर उनको फिर से उसी पद पर तैनात कर दिया गया। डीडीसी राम नरेश ने शनिवार को ही लखनऊ मुख्यालय पर कार्यभार ग्रहण कर लिया था। सोमवार को पहड़िया मंडी के डीडीसी पद का उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया। इस नये घटनाक्रम से मंडी के उन ठेकेदारों व कर्मचारियों में एक बार फिर हड़कम्प मच गया है, जिन्होंने खेल करके उनको निलंबित कराया था।
बताते चलें कि बीते वर्ष 22 जनवरी को राम नरेश ने पहड़िया मंडी के डीडीसी पद पर कार्यभार संभाला था। कुछ दिन बाद ही मंडी में हुए निर्माण में कई भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने लगे। पहले दो करोड़ 73 लाख का घपला मिला। फिर बाद में एक करोड़ 18 लाख समेत कई अनियमितताएं उजागर हुई। पूरे मामले की जांच के बाद जिले के तीन ठेकेदारों, पांच अधिकारियों एवं एक लिपिक समेत 10 लोगों के मिलीभगत का पता चला। इस पर तत्कालीन मंडी निदेशक के निर्देश पर फर्जीवाड़ा में सभी के खिलाफ डीडीसी राम नरेश ने कैंट थाने में 22 जनवरी 2020 को 120बी, 419, 420, 467, 468, 471 और 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई पकड़ा नहीं जा सका है, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने को काफी है। 
भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंसे पहड़िया मंडी में जब यह कार्रवाई हुई तो उस वक्त इलाकाई ठेकेदारों एवं भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया। बताया गया कि उसी समय से डीडीसी राम नरेश ठेकेदारों के निशाने पर चल रहे थे। चालू माह के तीन जून को सोशल मीडिया पर अचानक एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चंदौली के किसी ठेकेदार ने आरोप लगाया कि डीडीसी राम नरेश किसी कार्य स्वीकृति के लिए पैसा मांग रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मंडी निदेशक ने उन्हें निलंबित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया था। इस पर डीडीसी राम नरेश ने उक्त वीडियो को फर्जी बताते हुए लखनऊ कोर्ट का सहारा ले लिया। बीते 24 जून को लखनऊ कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर डीडीसी राम नरेश को पुनरू उसी स्थान पर तैनात करने का निर्देश दे दिया। अब उन्होंने विधिवत कार्यभार ग्रहण भी कर लिया है।
पुनः डीडीसी का पद संभालने वाले राम नरेश का कहना है कि उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाये गये हैं। शीघ्र ही उसका भी पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने खुद ही मंडी निदेशक के निर्देश पर भ्रष्टाचार में लिप्त तीन ठेकेदारों, पूर्व उप निदेशक (मंडी) समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। भ्रष्टाचार में लिप्त लोग उन्हें हटाकर सबूतों के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं, लेकिन उनकी मंशा कामयाब नहीं होगी।