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निरीक्षण में बताया ‘सब ठीक’, सजोई में दम तोड़ रहे गोवंश, देखें हकीकत
July 12, 2020 • सुरोजीत चैटर्जी • वाराणसी-चंदौली


- डीएम के निर्देश पर ब्लाकों के सभी गोवंश आश्रय स्थलों के मुआयने की देखें हकीकत

- सजोई गांव स्थिति अस्थायी आश्रय स्थल में कीचड़ व गोबर में फंस कर मर रहे जानवर

- इस सेंटर पर रखे गये पशुओं को बहुत कम मात्रा में ही दिया जा रहा है सिर्फ सूखा भूसा

- जिलाधिकारी का है फरमान रू किसी कारण पशुओं की मौत हुई तो करेंगे सख्त कार्रवाई

सुरोजीत चैटर्जी
वाराणसी। डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश् पर रविवार को सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने बीडीओ और पशु चिकित्सा अधिकारियों के जरिये सभी गोवंश आश्रय स्थलों का मुअयना कराया गया। उस निरीक्षण में दावा किया गया विकास खंडों में 2001 कुं. चारा उपलब्ध है और प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर पानी, खाई और शेड है।
जिलाधिकारी निर्देश दिया है कि जिन गोवंश आश्रय स्थलों पर खड़ंजा का निर्माण नहीं कराया गया है वहां तत्काल यह कार्य कराएं। प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थलों पर पानी निकासी के लिए नाली का निर्माण हो ताकि बारिश में जलजमाव की समस्या न रहे। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि किसी कारणवश उन स्थलों के पशु मरते हैं तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।


श्री शर्मा के निर्देश और रविवार को किये गये मुआयने का दूसरा पहलू सिर्फ एक गोवंश आश्रय स्थल का ही देख लें। सेवापुरी प्रतिनिधि के अनुसार आराजी लाइन ब्लाक के सजोई गांव स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय केंद्र में रख गये पशु तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।केन्द्र में तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं।
इस सेंटर पर इस बेजुबानों की देखभाल स्थित कागजों पर ही चल रही है। चारे के नाम पर उस पशुओं के आगे सूखा भूसा डाल दिया जाता है। बारिश में यहां होने वाले जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया है। फलस्वरूप परिसर में भारी कीचड़ में फंसकर पशु मर रहे हैं और कई जानवर मरने की कगार पर हैं। विभागीय लापरवाही और गोवंश आश्रय केंद्र पर तैनात केयर टेकर की अनदेखी के कारण इससेंटर की दुर्दशा है। इस आश्रय स्थल के जानवरों को न तो भरपेट भोजन मिल रहा है और न ही आराम के लिए उचित स्थान। कीचड़ भरे तालाब के रूप में बदल चुके इस सेंटर में गोबर तथा व मिट्टी में फंसकर गोवंश प्राण त्याग दे रहे हैं।