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नेपाली प्रधानमंत्री के बयान पर भड़के विहिसे के सदस्य, बनारस के घाटों मंदिरों पर ओली के विरुद्ध चस्पा किए पोस्टर
July 16, 2020 • अमन विश्वकर्मा • वाराणसी-चंदौली



जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। नेपाल के प्रधानमंत्री का अयोध्या पर बयान देना भारी पड़ गया। इसका विरोध नेपाल में तो हुआ ही भारत मे भी संत समाज, राजनैतिक संगठन और गैर राजनीतिक संगठन के साथ-साथ आम लोग भी ओली से नाराज हैं। ओली के बयान पर विश्व हिंदू सेना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी भरा पोस्टर बनारस के सभी घाटों, मंदिरों व उन इलाकों में लगाया है जहां नेपाली रहते हैं। पोस्टर में चेतावनी दी गई है कि ओली अपने गलत बयान पर भारतवासियों से माफी मांगे और अपना बयान वापस लें अन्यथा इसका परिणाम भारत मे रहने वाले नेपालियों को भुगतना पड़ेगा।


आपको बता दें कि भारत नेपाल मंत्री संबंध सदियों से चला आ रहा है और इसमें काशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। काशी में पशुपतिनाथ की तर्ज पर विशाल व ऐतिहासिक मंदिर है तो हजारों की संख्या में नेपाली के पीढ़ियों से यहां रहते आ रहे हैं। यही नहीं आज भी नेपाल से लोग यहां सीधे व्यापार करने आते हैं तो वहीं धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। काशी में नेपालियों का एक अलग मुहल्ला है जहां भारी संख्या में नेपाली निवास करते हैं। अगर कहा जाय कि पीढ़ियों से यहां वास करने वाले नेपाली काशी का एक अंग हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।


विश्व हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक का कहना है कि ओली का बयान बचकाना और निंदनीय है। उन्हें पता है कि अयोध्या कहाँ है लेकिन वो चीन के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली बन गए हैं और भारत विरोधी घृणित कार्य कर रहे हैं और नेपाल को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं।ऐसे में नेपाल के पीएम ओली का बयान निंदनीय है। विहिसे निंदा करने के साथ साथ उनको चेतावनी देता है कि अगर वो अपना बयान तत्काल वापस नही लेते हैं तो यहां राह रहे नेपालियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा इसके जिम्मेदार खुद ओली होंगे।