ALL जनसंदेश एक्सक्लूसिव वाराणसी-चंदौली पूूर्वांचल इलाहाबाद लखनऊ कानपुर-गोरखपुर आगरा देश-विदेश कोविड-19/देश-विदेश मनोरंजन/लाइफस्टाइल
नवजात की मौत पर हॉस्पिटल में परिजनों का हंगामा, स्टाफ ने भी की बदसुलूकी
September 11, 2020 • रोशन जायसवाल • कानपुर-गोरखपुर

दादा ने चिकित्सक पर लगाया लापरवाही का आरोप  

जनसंदेश न्यूज़
बलिया। शहर के जगदीशपुर स्थित एक बाल रोग विशेषज्ञ के निजी अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों का आरोप है कि नवजात की तबियत खराब होने पर परिजनों ने नवजात को बालरोग विशेषज्ञ को दोपहर में तकरीबन 1 बजे दिखाया। जिसके बाद जांच कर उसे डॉक्टर ने एडमिट कर लिया। 

चितवड़ागाव निवासी दीनबंधु प्रसाद वर्मा नवजात के दादा ने बताया कि पांच घण्टे तक डॉक्टर ने एक बार भी बच्चे को नहीं देखा। इस दौरान हॉस्पिटल के स्टाफ से परिजन गुहार लगाते रहे पर स्टाफ ने बदसलूकी करते हुए परिजनों को डांटना शुरू कर दिया और देरशाम लगभग साढ़े 6 बजे हॉस्पिटल के तरफ से बताया गया कि बच्चे की मौत हो गयी है। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से लेकर डॉक्टर तक से घटना की जानकारी ली, वहीं डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की तबियत ज्यादा खराब थी लिहाजा बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गयी।

जब बंद हुई डॉक्टर की बोलती
जिन डॉक्टरों के भरोसे आम आदमी अपने बच्चों का इलाज ऐसे अस्पतालों में कराता है उसकी हकीकत इतनी भयानक है कि सच्चाई से पर्दा उठया जा सकता है तो इस मामले में भी जब डॉक्टर  से सवाल पूछा गया कि पांच घण्टे अस्पताल में न रहने के दौरान बच्चे का इलाज एनआईसीयू में किस डॉक्टर की देखरेख में हो रहा था तो इस पर डॉक्टर साहब की बोलती बंद हो गयी। 

दरअसल हकीकत यही है कि ऐसे योग्य डॉक्टर पैसा कमाने के नाम पर हॉस्पिटल तो खोल लेते है पर अनट्रेंड स्टाफ के जरिये अपना धंधा चमकाने में लगे है। इस घटना में भी ऐसा ही कुछ हुआ जिस दौरान बच्चे की स्थिति खराब हुई उस दौरान कोई जूनियर डॉक्टर मौजूद नही था नतीजा दो दिन के एक नवजात की मौत हास्पिटक की इस बड़ी लापरवाही से हो गयी। हंगामे की जानकारी होते ही सदर कोतवाल विपिन सिंह हमराहियो के साथ मौके पर पहुंच गये। देर रात तक पुलिस जांच में जुटी रही।