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कोविड से मौत के बाद परिजनों का सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों ने नहीं लौटाया अंगूठी, चैन और नगदी, लापरवाही से गई जान
September 4, 2020 • आशीष निषाद • लखनऊ

परिजनों ने पीएम-सीएम के साथ ही डीएम को पत्र लिखकर की शिकायत

जनसंदेश न्यूज़
अतरौलिया/आजमगढ़। नगर पंचायत निवासी अनिल मोदनवाल की कोरोना संक्रमण से बीते 12 अगस्त को हुई मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ विभाग पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक मृतक की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई और यहीं नहीं उनकी मौत के बाद अंगूठी, चैन और उनके पास मौजूद रुपये भी निकाल लिया गया है। परिजनों ने इस संबंध में पीएम-सीएम के साथ ही जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा है।  

।प्रार्थी अनिल मोदनवाल के साले राजेश कुमार ने शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि अनिल मोदनवाल सामान्य तरीके से जीवन यापन कर रहे थे, जिन्हें हल्के बुखार तथा खांसी की शिकायत थी। सीएचसी अतरौलिया के डॉक्टरों द्वारा नगर पंचायत अतरौलिया में कैंप लगाकर जांच की जा रही थी। जिसमें अनिल मोदनवाल की तीन बार जांच की गई, तीनों बार रिपोर्ट नेगेटिव ही आई। चौथी बार जबरदस्ती सी एम एस तथा डॉक्टरों की टीम ने उनका परीक्षण किया। जिसमें पॉजिटिव आने की बात कही। 

अनिल मोदनवाल के घर में जगह होने पर भी डॉक्टरों ने उन्हें होम कोरंटिन में ना रख कर मेडिकल कॉलेज चण्डेश्वर भेज दिया तथा इलाज के नाम पर सिर्फ उन्हें काढ़ा दिया जाता था। वही अनिल मोदनवाल को सांस लेने में दिक्कतें हो रही थी, जिसकी शिकायत साले राजेश द्वारा की गई, मरीज को चक्रपानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां ऑक्सीजन की व्यवस्था तो हुई लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। जहां बीते 12 अगस्त की भोर में लगभग 4 बजे मृत्यु हो गई। किंतु अस्पताल प्रशासन द्वारा इसकी कोई जानकारी परिवार वालों को नहीं दी गई। 

वहीं अनिल मोदनवाल के साले राजेश कुमार द्वारा अनिल के मोबाइल नंबर पर कई बार फोन किया गया तो मोबाइल नहीं उठा। साले राजेश कुमार द्वारा अपने स्तर से पता किया गया तो सुबह 8 बजे पता चला कि अनिल की मौत हो गई। परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस वक्त मरीज भर्ती हुए थे, उस वक्त मरीज सोने की अंगूठी व सोने की चेन तथा 7 हजार नगद व मोबाइल मरीज के पास था ,जो अस्पताल प्रशासन द्वारा गायब कर दिया गया। अनिल मोदनवाल के साले ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से बार-बार अनुरोध करने पर भी मरीज अनिल मोदनवाल का कोई सामान वापस नहीं किया गया, जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से पत्र के माध्यम से की गई।