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कोरोना संक्रमित एसपी को एबुलेंस उपलब्ध कराने में देरी के कारण हिरासत में एबुलेंस मैनेजर, चालकों ने की हड़ताल, मचा हड़कंप
August 8, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • इलाहाबाद


जनसंदेश न्यूज़
गाजीपुर। कार्य में लापरवाही बरतने वाले एंबुलेंस मैनेजर को शुक्रवार की देर शाम जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। सूचना लगते ही एबुलेंस चालकों ने रात में ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि उस दौरान किसी तरह सबको समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया। लेकिन शनिवार को सभी एबुलेंस चालकों ने हड़ताल कर दिया। चालकों की मांग है कि जब तक एबुलेंस मैनेजर को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वें हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। कोरोना संकट से जूझ रहे जिले में एंबुलेंस चालकों के हड़ताल से हड़कंप मच गया। वहीं खबरों की माने तो उधर डीएम के आदेश पर एंबुलेंस मैनेजर व प्रभारी पर मुकदमा दर्ज कर नौकरी से निकाले जाने का नोटिस भी तैयार कर दिया है।
क्या है मामला
दरअसल लगभग एक सप्ताह पहले संक्रमित एसपी को लखनऊ जाने के लिए एंबुलेंस की तत्काल जरूरत थी, लेकिन एबुलेंस मैनेजर प्रवीण श्रीवास्तव द्वारा गलत तथ्य देकर एंबुलेंस उपलब्ध कराने में काफी देर कर दी गई थी। तब सीएमओ ने एंबुलेंस मैनेजर और प्रभारी को डांट-फटकार लगाने के साथ दुर्व्यवहार भी किया था। तब कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 
शुक्रवार को देर शाम स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वास्थ्य समिति की डीएम के आवास पर बैठक आयोजित थी। बैठक किन्हीं कारणों से रद्द हो गई थी। वहां पहुंचे सीएमओ ने पुराने मामले में करवाई करने के लिए डीएम से आग्रह किया। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर एंबुलेंस मैनेजर को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। इसकी जानकारी होते ही एंबुलेंस चालकों ने सेवा ठप कर कोतवाली परिसर में वाहन खड़ा कर प्रदर्शन किया। मामला तूल पकड़ते देख पुलिस अधिकारियों ने एंबुलेंस चालकों को समझा-बुझाकर रात में घर भेज दिया, लेकिन सुबह तक यह मामला शांत नहीं हुआ था। चालक एंबुलेंस मैनेजर को छोड़ने की मांग अड़े हुए हैं। फिलहाल एंबुलेंस मैनेजर को पुलिस हिरासत में ही रखा गया है। 
इस संबंध में सीएमओ का कहना है कि बीते दिनों एंबुलेंस मैनेजर द्वारा गलत तथ्य देकर एसपी को एंबुलेंस उपलब्ध कराने में देरी की गई थी। एंबुलेंस मैनेजर और एंबुलेंस प्रभारी पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ इनके जनरल मैनेजर से बात करके टर्मिनेट करने की संस्तुति कर दी गई है।
वहीं जिला एंबुलेंस प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि बिना किसी ठोस कारण के ही एंबुलेंस मैनेजर को फंसाया जा रहा है। उन्हें जब तक नहीं छोड़ा जाता है, तब-तक एंबुलेंस सेवा ठप रहेगी। इसकी जानकारी रिजनल मैनेजर और लखनऊ को दे दी गई है।