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काशी के अन्नदाताओं से पीएम ने किया वर्चुअल संवाद, बोले, समाजसेवियों ने काशी के पुरातन परंपरा को चरितार्थ
July 9, 2020 • जनसंदेश न्यूज • वाराणसी-चंदौली


जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। कोरोना संकट काल में परमार्थ सेवा भाव के साथ काशी के लोगों को भोजन कराने वाले अन्नदाताओं से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज संवाद किया। वर्चुअल संवाल के दौरान प्रधानमंत्री ने सबसे पहले सभी अन्न सेवियों को प्रणाम किया। पीएम ने कोरोना संकट के कारण विभिन्न तीज-त्यौहार को ना मना पाने और बनारसी संस्कृति मुताबिक विभिन्न मेलों से वंचित रह जाने के कारण दुख प्रकट करते हुए सभी बनारस वासियों की सराहना की और कहा कि इस अभूतपूर्व संकट में काशी वासियों ने डटकर मुकाबला किया। 
पीएम के साथ संवाद करने वालों में गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट के गंगाधर उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक वाराणसी के सर्किल हेड मनीष टंडन, राष्ट्रीय रोटी बैंक की अध्यक्ष पूनम सिंह और सेंट्रल सिंधी पंचायत के पूर्व महामंत्री समाजसेवी सुरेंद्र लालवानी तथा बुनकर व सामाजिक कार्यकर्ता हाजी अनवर, बाल नारी निकेतन संस्था के विशाल आनंद, अखिल भारतीय केशरवानी वैश्य युवक सभा के प्रतिनिधि संदीप केसरी शामिल रहे। इन सभी ने पीएम ने अपने अनुभव साझा किये और मानव कल्याण के इस कार्य की अनुभूति से पीएम को अवगत कराया। 


प्रधानमंत्री ने सबकी सराहना करते हुए कहा कि सेवा करने वाला सेवा का फल नहीं मांगता। वह दूसरों की निस्वार्थ सेवा करता है। पुरानी मान्यता है कि एक समय महादेव ने खुद मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, तभी से काशी पर ये विशेष आशीर्वाद रहा है कि यहां कोई भूखा नहीं सोएगा। मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ सबके खाने का इंतज़ाम कर देंगे। कहा कि सभी के लिए, तमाम संगठनों के लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है कि इस बार गरीबों की सेवा का माध्यम भगवान ने हमें बनाया।