ALL जनसंदेश एक्सक्लूसिव वाराणसी-चंदौली पूूर्वांचल इलाहाबाद लखनऊ कानपुर-गोरखपुर आगरा देश-विदेश सृजन मनोरंजन/लाइफस्टाइल
कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे जायेंगे सीएम योगी, बदमाशों के हमले में......
July 3, 2020 • जनसंदेश न्यूज • देश-विदेश

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस पर हमला

सीओ, एसओ समेत आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद

सीएम ने उच्चस्तरीय जांच का दिया आदेश

जनसंदेश न्यूज़
लखनऊ। यूपी के कानपुर में देर रात्रि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने गई पुलिस पर बदमाशों ने घेर कर फायर झोंक दिया। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गये। बदमाशों के इस दुस्साहसिक वारदात से पूरे प्रदेश में कोहराम मच गया। हमले में कई सिपाही घायल हुए है, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव सहित आपपास के इलाके को सील कर दिया गया है। पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। वहीं सीएम योगी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये है। सीएम घटना में शहीद हुए पुलिसकर्मी को श्रध्दाजंलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है। सीएम कानपुर पहुंच कर शहीद हुए जवानों को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे।
कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने विकास दुबे के घर पर दबिश दी। घर के पास पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी अभी अपनी गाड़ियों से उतरे ही थे कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से चली ताबड़तोड़ गोलियों से सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा व शिवराजपुर एसओ महेश यादव सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गये। 


जिसमें सीओ व एसओ समेत चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, राहुल, बबलू, जितेंद्र शहीद हुए है। वहीं एसओ कौशलेंद्र, दरोगा प्रभाकर पांडेय, सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, शिवमूरत, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेंगर और शिवमूरत की हालत गंभीर है। 
पुलिस ने बताया कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2003 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।