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कागजों पर बन गये गरीबों के इज्जत घर, टाइम लाइन बीतने पर भी अधूरे हैं छूटे लाभार्थियों के शौचालय
June 18, 2020 • जनसंदेश न्यूज • जनसंदेश एक्सक्लूसिव


सरकारी अभिलेखों में निर्मित कर दिये कई टॉयलेट, मौके पर कुछ नहीं

मनमाने ढंग से हो रहा काम, एनओएलबी में अब 20 जून तक का वक्त

दो साल बीतने के बावजूद दर्जनों इज्जतघरों का निर्माण अबतक अधूरा



वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी जनपद से जिस स्वास्थ भारत मिशन की शुरुआत की थी उसका हाल उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में बेहद खराब है। देश के प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को सेहतमंद रखने के उद्देश्य से मिशन के अंतर्गत उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों के लिए सरकारी पैसे से शौचालय बनवाने की न सिर्फ बहुत बड़ी पहल की बल्कि उसका नाम ‘इज्जतघर’ भी दिया। ताकि इस बारे में चर्चा करते हुए लोगों में किसी प्रकार की हिचक न रहे।
मिशन के तहत वाराणसी में भारी संख्या में पात्र परिवारों के लिए टॉयलेट्स बनवाए गये। लेकिन अधिकांश गांवों में मनमाने ढंग से शौचालयों का निर्माण हुआ। कार्य के मानक ताक पर रखकर पैसे की बंदरबांट भी हुई। तमाम अपात्र लाभांवित हुए। इस बारे में शिकायतों की पुष्टि पर थोड़ी बहुत कार्रवाई भी हुई।
उसके बाद किन्हीं कारणों से इज्जतघर के लाभ से वंचित छूटे हुए पात्रों को ‘एनओएलबी’ श्रेणी में रखकर उनके लिए भी शौचालय बनवाए जा रहे हैं लेकिन इसमें भी खेल शुरु हो गया है। तय टाइम लाइन में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करना तो दूर कई शौचालय तो सिर्फ कागजों पर भी बना दिये गये। एसबीएम यानी स्वच्छ भारत मिशन में एनओएलबी श्रेणी के तहत वाराणसी में 18 हजार 905 परिवारों को लिए इज्जतघर बनाने का टार्गेट है, जो अबतक पूरा नहीं हो सका है।


यह लक्ष्य पहले 31 मई तक इसे पूरा करना था। इस दिशा में कार्य में लापरवाही और सुस्त गति पर सीडीओ मधुसूदन हुल्गी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की लेकिन ग्राम प्रधानों और सचिवों पर पर्याप्त दबाव नहीं बना सके। कार्य पूरा करने के अब तीसरी बार समय बढ़ाया गया है। अब देखिए कुछ हकीकत। कई शौचालय जैसे-तैसे आधा-अधूरा बनाकर पूर्ण बता दिया गया है। चिरईगांव ब्लाक के डुबकियां, जाल्हूपुर, बीकापुर, पचरांव आदि ग्राम पंचायतों शौचालय निर्माण की प्रगति बेहद खराब है।
वहीं, उकथी में 30 इज्जतघरों के लक्ष्य के सापेक्ष फाइलों पर नौ शौचालय पूर्ण दिखा दिया। बीकापुर के हवलदार यादव, सहदेव तिवारी आदि का आरोप है कि 41 इज्जतघरों का निर्माण दो साल में भी पूरा नहीं हुआ। पचरांव और अन्य कई ग्राम पंचायतों के लोग एक ही शौचालय पर दो बार पैसा पास कराने का आरोप लगा रहे हैं। बाबतपुर प्रतिनिधि के अनुसार बड़ागांव केखरावन ग्राम पंचायत में एनओएलबी के कई शौचालय बनाने में मानक ताक पर रख दिया गया है।
गांव के लाभार्थी माताभीख के शौचालय में एक ही गड्ढा बनाया। किसी टॉयलेट में छत नहीं तो कहीं दरवाजा लगाने की जरूरत नहीं समझी गयी। वहीं, रामकरन यादव, सुरेंद्र कुमार चौहान, जड़ावती देवी, दिनेश कुमार, देवेंद्र सिंह सत्यनारायण वगैरह ने अपनी पात्रता का दावा किया। वहीं, पतिराम, बाबूराम, बृजेश यादव, नागेंद्र यादव आदि के इज्जतघर अधूरे हैं। ग्राम प्रधान गीता देवी ने इस बारे में अनभिज्ञता व्यक्त की। एडीओ पंचायत महेंद्र सिंह ने कहा कि सभी शौचालय बनावा दिये गये हैं।

प्रधान-सचिव को नोटिस
पिंडरा। स्थानीय ब्लाक के खंड विकास अधिकारी विजय जायसवाल गुरुवार को ओदार गांव के औचक मुआयने पर पहुंचे और अपात्र रामबली को शौचालय का लाभ दिये जाने का मामला पकड़ा। उन्होंने रामबली से सरकारी पैसे की वसूली करने के निर्देश दिये। गांव में इज्जतघर निर्माण में श्रमिकों की संख्या कम होने, चार टॉयलेट में सिर्फ दो गड्ढा बनाये जाने पर ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस दी।

कार्य पूर्ण का दावा
चांदमारी। हरहुआ विकास खंड के एडीओ पंचायत गुलाब सिंह ने की मानें तो गुरुवार को एनओएलबी परिवारों के लिए शौचालय निर्माण का टार्गेट पूर्ण हो चुका है। सिर्फ पांच इज्जत घरों की जिओ टैगिंग शेष है।

सचिवों को चेतावनी
दानगंज। चोलापुर के एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार पाठक ने एनओएलबी के इज्जतघरों के निर्माण में धीमी प्रगति वाले सचिवों को चेतावनी देते हुए कहा है कि 20 जून तक कार्य पूर्ण न हुए तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सचिव तेज बहादुर, पुनीत सोनकर, महेश्वर, मनोज त्रिपाठी, संजय सिंह यादव, राजेश यादव को बढ़ाई गयी टाइम लाइन में शौचालय निर्माण के कार्य कराने को कहा है।

रिपोर्ट - रामदुलार यादव, प्यारेलाल यादव, जितेंद्र जायसवाल, अरविंद कुमार मिश्र, इंद्र बहादुर सिंह