ALL जनसंदेश एक्सक्लूसिव वाराणसी-चंदौली पूूर्वांचल इलाहाबाद लखनऊ कानपुर-गोरखपुर आगरा देश-विदेश कोविड-19/देश-विदेश मनोरंजन/लाइफस्टाइल
जिलाधिकारी को पत्रक देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाईं लाठी, आधा दर्जन कार्यकर्ता घायल, डीएम के समझाने पर माने
September 14, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • पूूर्वांचल

बेरोजगारी और अपराध के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

तानाशाह हो चुकी है भाजपा सरकार - रामधारी यादव  

जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। बेरोजगारी भ्रष्टाचार, महंगाई और अपराध सहित अन्य मुद्दों पर जिलाधिकारी को पत्रक देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं के ऊपर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। सैकड़ों की संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज में लगभग आधा दर्जन कार्यकर्ता घायल हो गये है। 

सपा सुप्रीमो के निर्देश पर सपा युवजन, लोहिया, छात्र सभा तथा यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारी संयुक्त रूप से सोमवार को काफी संख्या में समता भवन में एकत्र होकर बेरोजगारी और अपराध तथा किसानों की समस्या को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। सपा कार्यकर्ता रणनीति के हिसाब से कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बड़ी संख्या में जाने लगे। जिसको पुलिस ने रोकना चाहा मगर वह नहीं रूके।

जिलाधिकारी को पत्रक देने के लिए डटे रहें। पुलिस ने चार से पांच लोगों को जाने की इजाजत दिया लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने। इस दौरान सपाइयों और  पुलिस में कहासुनी होने लगी। पुलिस ने लाठियां भांजकर कार्यकर्ताओं को तितर-बितर किया। जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। बावजूद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रट परिसर के पास ही धरना पर बैठकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। जिसके बाद एसडीएम प्रभास कुमार ने कार्यकर्ताओं की मांग पत्रक को लेते हुए, सभी को समझा बुझा कर मामला शांत कराया। 

दरअसल, पुलिस प्रशासन ने कोरोना महामारी को लेकर पहले ही अल्टीमेटम दे चुका था कि जिले में कहीं कोई धरना प्रदर्शन नहीं होगा। इसके अलावा भीड़भाड़ नहीं किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक डा. ओम प्रकाश सिंह ने एहतियात के तौर पर जगह-जगह भारी पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी थी। जिससे कि जिले में कोई बड़ा उपद्रव नहीं हुआ। 

जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी सरकार तानाशाही के रास्ते पर है, वह उनके खिलाफ उठ रही आवाज को पुलिस की लाठी और गोली के बल पर दबाना चाहती है। इस सरकार में किसान बेहाल है, यूरिया खाद की किल्लत है। सरकारी उपक्रमों के लगातार निजीकरण एवं कर्मचारियों की छटनी से बेराजगारी चरम पर है। साढ़े बारह करोड़ लोगो का रोजगार छिन चुका है। आज बड़ी संख्या में किसान, दिहाड़ी मजदूर,  बेराजगार आत्महत्या कर रहें है। 

इस दौरान लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अमित ठाकुर, युवजन सभा जिलाध्यक्ष सदानंद कन्नौजिया, यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष विनोद पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा, युवा सपा नेता सत्येन्द्र यादव सत्या, आमिर अली, डा.समीर सिंह, राहुल सिंह, शनी शुक्ल, अभिनव सिंह, अहमद जमाल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।