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इस कारण से बेरोजगार हो जाएंगे मुनीब और श्रमिक, मंडी परिसर में दो फीसदी टैक्स लागू होने पर बिफरे आढ़ती
June 18, 2020 • जनसंदेश न्यूज • वाराणसी-चंदौली


मंडी शुल्क के दोहरे मापदण्ड का किया जाएगा विरोध : डा. श्याम नारायण कुशवाहा

दो फीसदी यूजर शुल्क बचाने को सड़कों पर बढ़ेगा व्यापार तो यातायात भी होगा बाधित

जितेंद्र श्रीवास्तव
वाराणसी। मंडी शुल्क के दोहरे मापदण्ड का आढ़तियों ने विरोध किया है। आढ़तियों का कहना है कि दोहरे मापदण्ड के चलते मंडी परिसर के अंदर कारोबार करना दुश्वार हो जाएगा। क्योंकि मंडी के बाहर कारोबार करने से मंडी शुल्क नहीं लगेगा। इस दोहरी नीति के चलते मंडी परिसर में आढ़तियों जब कारोबार चौपट हो जाएगा तो आढ़तियों के यहां काम करने वो मुनीब और श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। 
सब्जी फल व्यवसायी आढ़ती कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. श्याम नारायण सिंह कुशवाहा का कहना है कि मंडी शुल्क के दोहरे मापदण्ड को लेकर संगठन की हुई बैठक में सरकार के इस निर्णय का विरोध किया गया। उनका कहना रहा कि मंडी परिसर के अंदर व्यापारियों को लाइसेंस लेना होगा और दो फीसदी यूजर चार्ज भी देना होगा। लेकिन उसी माल को यदि मंडी परिषद के बाहर बेचा जाएगा तो न ह लाइसेंस की जरुरत होगी और न हीं यूजर चार्ज देना होगा। उन्होंने कहा कि मंडी में कारोबार उधार पर भी चलता है। ऐसे में आढ़तियों के पैसे डूबने का खतरा भी होगा, क्योंकि ग्राहक को बाहर दो फीसदी की बचत होगी तो मंडी परिसर में क्यूं आयेंगे। उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क के इस दोहरे मापदण्ड का विरोध किया जाएगा। 
बैठक में व्यापारियों ने कहा कि मंडी परिसर में जितने भी आढ़ती है। मंडी शुल्क के दोहरे मापदण्ड के चलते उनका व्यवसाय ही खत्म हो जाएगा। समूचे उत्तर प्रदेश करीब 272 मंडियां है। इन मंडियों के एक-एक आढ़ती के यहां दो से पांच मुनीब और 15 से 20 लेबर काम करते हैं। मंडी का जब कारोबार चौपट हो जाएगा तो ये सभी बेरोजगार हो जाएंगे। व्यापारियों ने कहा कि दो फीसदी यूजर शुल्क बचाने के लिए गैर लाइसेंसधारी भी सड़कों पर व्यापार करने लगेंगे, जिसकी वजह से यातायात भी पूर्णतरू बाधित हो जाएगा। साथ ही सड़क पर अराजकता और लूटपाट की घटनाएं भी अत्यध्किा बढ़ जाएगी। वक्ताओं ने सरकार का ध्यान इन सभी बिंदुओं की तरफ आकृष्ट कराते हुए समस्या के समाधान की मांग की है। बैठक में प्रेमनाथ मिश्रा, अशोक जायसवाल, विजय कुमार जायसवाल, ओमप्रकाश मिश्र, भानु प्रसाद, इमरान भाई आदि थे।