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गुड़िया गिरी ‘धड़ाम’, पुतली देवी को प्रभावित करने में चोटिल हो जायेगी गुड़िया
August 18, 2020 • डॉ. दिलीप सिंह • मनोरंजन/लाइफस्टाइल



जनसंदेश न्यूज़
इंदौर। एण्डटीवी के गुड़िया हमारी सभी पे भारी में बीते हफ्ते गुड़िया (सारिका बहरोलिया) पुतली देवी (आभा परमार) को प्रभावित करने के चक्कर में उन्हें चोट पहुंचा देती है। लेकिन बाद में पुतली देवी और गुड़िया दोनों के बीच संबंध सहज हो जाते हैं और दोनों एक-दूसरे से दिल की बातें करने लग जाते हैं। उसी समय, गुड्डू की मां हरभेजी देवी (माधुरी संजीव) गुड़िया के माता-पिता का अपमान करती है और उनसे हवेली में प्रवेश करने से मना करती है। गुड्डू (करम राजपाल) को यह सुनकर बहुत ही बुरा लगता है और वह सब कुछ ठीक करने की कोशिश करना चाहता है क्योंकि वह गुड़िया के माता-पिता की दिल से इज्जत करता है। 
पुतली देवी गुड्डू को यह सुझाव देती है कि उसके और गुड़िया के बीच की लड़ाई को खत्म करने का केवल एक ही तरीका है कि वो अपनी दुश्मनी को दोस्ती में बदल दे। आगे क्या करना चाहिए, यह जानने के लिए गुड्डू मताई के पास जाता है, जो इस युद्ध को खत्म करने के लिए गुड़िया को तोहफे में मार्बल्स (कंचे) देने का एक धांसू सुझाव देती है। उत्साहित गुड्डू मार्बल्स के दो बड़े जार्स खरीद लेता है और गुड़िया को अचंभित करने के लिए उन्हें उसके घर के आगे रख देता है। जैसा कि उसके भाग्य में हैं, गुड़िया उधर से गुजरती है और उस पर फिसल कर बहुत ही बुरी तरह से गिर जाती है। लेकिन क्या गुड़िया गुड्डू को माफ कर देगी और उसके इस अच्छे व्यवहार को समझ पाएगी? या फिर इससे इन दोनों के बीच फिर एक नई जंग शुरू हो जाएगी।
बाल ब्रह्मचारी गुड्डू यानि करम राजपाल ने कहा, ह्यह्यगुड्डू वास्तव में गुड़िया के साथ इस लड़ाई को खत्म करना चाहता है और उसका दोस्त बनने की कोशिश करता है। हालांकि, वह इसमें बुरी तरह विफल हो जाता है। गुड्डू ने काफी हद तक गुड़िया की परवाह करना शुरू कर दिया है और वह चाहता है कि गुड़िया भी उसके साथ वैसे बर्ताव करें। लेकिन लगता है गुड्डू की किस्मत ही खराब है, पासा ही पूरा पलट गया। क्या सोचा था और क्या हो गया। पर क्या गुड़िया समझ पाएगी गुड्डू की कोशिश को? गुड़िया की भूमिका निभाने वाली सारिका बहरोलिया ने आगे कहा, गुड़िया की मां ने गुड़िया से ये वादा लिया है कि वो गुड्डू की हवेली में नहीं जाएगी, लेकिन गुड़िया तो गुड़िया है, वो थोड़ी ना किसी की सुनती है? कुछ न कुछ तो जरूर करेगी। गुड़िया जीतना चाहती है गुड्डू के परिवार का दिल, पहली ही कोशिश ने बढ़ा दी मुश्किल। अब क्या करेगी गुड़िया जिससे पड़ेगी वो गुड्डू पर भारी?