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एसजीपीजीआई में ड्यूटी से लौट रहे डॉक्टरों व नर्सों की बस रूकवा कर हुई चेकिंग, लगा चोरी का आरोप, भड़की
September 16, 2020 • पद्माकर पाण्डेय • लखनऊ



जनसंदेश न्यूज़
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई हॉस्पिटल में बुधवार को डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों के साथ गार्ड्स की झड़प हो गई। हॉस्पिटल प्रशासन के कथित आदेश पर ड्यूटी पूरी कर वापस जा रहे डॉक्टरों नर्सों की गार्ड्स द्वारा चेकिंग करने पर विवाद खड़ा हो गया। जिसको लेकर डॉक्टरों व नर्सों में आक्रोश है। 

दरअसल एसजीपीजीआई हॉस्पिटल से नाइट ड्यूटी समाप्त करने के बाद बुधवार सुबह डॉक्टर व स्टाफ नर्स बस से घर के निकले। इसी बीच आरसीएच के पास उनकी बस को रोक लिया गया और गार्ड्स द्वारा सबकी तलाशी ली जाने लगी। पूछने पर गार्ड्स ने बताया कि उन्हें हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा तलाशी लेने का आदेश दिया गया है। लिखित आदेश मांगा गया तो वें दिखाने में असमर्थ रहे। 

इसके बाद नर्स सीम शुक्ला ने इस संबंध में प्रोफेसर फणीश बॉस से मोबाइल से वार्ता की। जहां हॉस्पिटल में चोरी होने का हवाला देते हुए फणीश बॉस द्वारा चेकिंग कराये जाने की बात कहीं। डॉक्टरों व स्टाफ नर्सेस का इस तरह से अपमान होता देख वें भड़क गये और एक तरफ जहां प्रोफेसर फणीश से मोबाइल पर ही झड़प हुई। वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर व नर्स आक्रोशित हो उठे। उन्होंने एसजीपीजीआई प्रसाशन के कथित आदेश पर इस तरह चेकिंग होने को स्टाफ नर्सो और डाक्टरों का शोषण बताया।

इस संबंध में नर्स संगठन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने कहा कि एसजीपीजीआई में डाक्टरों और स्टाफ नर्सो को चोरों की तरह से ट्रीट किया जा रहा है। इस तरह बस रूकवा कर गार्डों द्वारा चेकिंग की जा रही है, जो सरासर गलत है और इस कोरोना संकट में योध्दा की भूमिका निभा रहे डॉक्टरों व नर्सों का अपमान है। 

वहीं दूसरी तरफ प्रोफेसर फणीश बॉस ने बताया कि हॉस्पिटल प्रशासन के आदेशानुसार ऐसा किया जा रहा है। हॉस्पिटल में पिछले कई दिनों से चोरी की घटनाएं हो रही है, जिसको देखते हुए पारदर्शिता लाने हेतु ऐसा कदम उठाया गया है, इसमें किसी की भी भावनाओं को आहत नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में पहले भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी है।