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डुप्लीकेट अंक पत्र से नौकरी पाये 106 गुरूजी! विभाग ने चलाया चाबुक, नोटिस मिलते ही शिक्षकों में हड़कंप 
July 4, 2020 • अजय सिंह राजू • इलाहाबाद

संदिग्ध प्रमाण पत्रों को बोर्ड में सत्यापन के लिए भेजा  


जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में 2010 एवं उसके बाद हुई भर्तियों की शासन के आदेश पर जांच शुरू हो गई है। विभाग ने अध्यापकों के डुप्लीकेट अंक पत्र और डिग्री को लेकर 106 लोगों को नोटिस भेजा है। साथ ही इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद से ही ऐसे फर्जी शिक्षकों में दहशत का माहौल बन गया है।
शासन के आदेश पर बेसिक विभाग ने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई तो  प्रथम दृष्टया संदेह उत्पन्न करने लगे। उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों में से अधिकतर द्वितीय प्रति में मिलें। यानी उनके मूल प्रमाण पत्र गायब हैं। किसी शिक्षक के हाईस्कूल तथा किसी के इंटर तक के प्रमाण पत्र के डुप्लीकेट कापी लगाए गए मिले। ऐसे शिक्षकों की सूची भी तलब की थी। जिसमें जिलें में 106 ऐसे शिक्षक मिले जो द्वितीय प्रति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहें थे। 
सभी प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड में शनिवार को भेज दिया गया है। इनकी सत्यापन रिपोर्ट संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई होना तय है। इसके साथ ही छह शिक्षक एवं कर्मचारीयों पर एक ही पेन के आधार पर नौकरी करने को लेकर नोटिस भेजा जा चुका है। जिसकी विभागीय जांच चल रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्रों को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। प्रथम जांच में 106 लोगों के प्रमाण पत्र संदिग्ध मानकर सत्यापन के लिए भेजा गया है। 
इनमें से अधिकतर शिक्षकों की नियुक्ति 2010 के आसपास की है। बताया कि  2006 में हुई भर्ती हुए कई शिक्षक संदेह के घेरे में है। सभी की जांच कराई जाएगी। हालांकि जिले में वर्ष 2006 में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ज्वांइन किया है। इनमें से कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी होने के बाद निकाला गया था। लेकिन आज भी जिले में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक तैनात है। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न माध्यमों से शिकायतें मिलने के बाद जांच कराकर 11 शिक्षकों को कुछ महीने पूर्व ही बर्खास्त कर चुके है।