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चंदौली में थर्मल स्कैनर के खरीद में लाखों की हेराफेरी, डीएम ने दिए जांच के निर्देश, तीन सदस्यीय टीम गठित
July 17, 2020 • जावेद अंसारी • वाराणसी-चंदौली


उपनिदेशक के पत्र पर तीन सदस्यीय टीम का गठन

जनसंदेश न्यूज़
चंदौली। जिला के गांवों में बनी निगरानी समितियों की ओर वितरित की जाने वाली थर्मल स्कैनर की खरीद में बड़े पैमाने पर हेर-फेर किये जाने का मामला सामने आया है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने एक ही कंपनी से थर्मल स्कैनर खरीदने का टेंडर दिया है। इसके बदले निर्धारित कीमत से अधिक चुकाने का आरोप है। इसे गंभीरता से लेते हुए उपनिदेशक पंचायत एके सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर हेर-फेर की जांच कराने को कहा है। पत्र मिलते ही डीएम ने अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। समिति 10 दिनों में जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी। 
शासन के निर्देश पर जनपद की 734 ग्राम सभाओं में सभी निवासियों की थर्मल स्कैनिंग कराई जा रही है। इसके लिए निगरानी समितियों व आशा बहुओं को थर्मल स्कैनर खरीदने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई थी। पंचायत राज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ओर से एक ही कंपनी से थर्मल स्कैनर व पल्स आक्सीमीटर खरीदा गया। इसके बदले निर्धारित से अधिक कीमत चुकाई गई। उपनिदेशक पंचायत वाराणसी एके सिंह ने मामले को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से जांच कराने को कहा। 


पत्र में सीधे तौर पर कहा गया है कि अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रामउदय यादव, वरिष्ठ लिपिक राजेश सोनकर, ब्लाकों के सहायक विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारियों ने कंपनी के साथ मिलीभगत कर संसाधनों की खरीद में अनियमितता की है। कंपनी व खुद को लाभ पहुंचाने के लिए शासकीय धन का दुरूपयोग किया गया है। उपनिदेशक का पत्र मिलने के बाद महकमे में हड़कम्प मच गया। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि ‘पंचायत उपनिदेशक का पत्र मिलने के बाद मामले की जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

1598 स्कैनर व पल्स आक्सीमीटर की खरीद
चंदौली। जिले में 734 ग्राम पंचायतें व निकायों में 65 वार्ड हैं। सभी ग्राम पंचायतों व वार्डों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए 1598 थर्मल स्कैनर व पल्स आक्सीमीटर की खरीद की गई। ऐसे में संसाधनों की खरीद में जिला पंचायत राज विभाग की भूमिका अहम हो गई। थर्मल स्कैनर के जरिए एक फीट दूरी से ही लोगों के शरीर का तापमान मापा जा सकता है। जबकि आक्सीमीटर को अंगुली में लगाने पर शरीर के तापमान के साथ ही पल्स का भी पता चलता है।