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भारत भूमि पर राफेल की लैडिंग के साथ ही झूम उठे रक्षामंत्री के गृहनगर वासी, जानिएं आखिर क्या है राफेल की खासियत
July 29, 2020 • जनसंदेश न्यूज • वाराणसी-चंदौली


जनसंदेश न्यूज़
चकिया/चंदौली। घातक मारक क्षमता और आधुनिक हथियारों से लैस राफेल की पहली खेप में पांच राफेल विमानों के आने के बाद एक तरफ जहां भारतीय सेना में हर्ष का माहौल रहा। वहीं दूसरी तरफ पूरे देश में एक अलग ही माहौल देखने को मिला। भारत भूमि पर राफेल के लैडिंग के साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गृहनगर चकिया में भाजपा कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोगों ने जमकर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क तिराहे पर जमकर पटाखे फोड़े और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंस के नियमों का बखूबी ध्यान रखा। 


इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह ने बताया कि राफेल का भारत में आगमन देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं चकिया के माटी के लाल व देश के यशस्वी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के अथक प्रयासों का ही फल है। कहा कि भारत विश्व में एक सशक्त एवं समृद्धशाली देश के रुप में आकार ले रहा है।
इस दौरान उमाशंकर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, संदीप गुप्ता आशु, अरविंद मोदनवाल, कैलाश जायसवाल, विजय विश्वकर्मा, सारांश केसरी, शुभम मोदनवाल, प्यारे सोनकर, मनोज जायसवाल, कृष्णा चैहान, बबलू चैहान, रवि गुप्ता, अजय सिंह, सौरभ रंजन, धर्मवीर चैहान मौजूद रहे। 

जिलाध्यक्ष ने राफेल को बताया ‘दुश्मनों का काल’

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना के जिलाध्यक्ष देव जायसवाल ने राफेल की पहली खेप भारत आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे भारतीय सेना का गौरव बताया। कहा कि भारतीय सेना को राफेल के रुप में एक ऐसा हथियार मिला है, जिससे वह अपने दुश्मनों के दांत खट्टे कर सकता है और उनके होश ठिकाने लगा सकता है। उन्होंने भारतीय सैन्य बेड़े में राफेल को शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का आभार भी व्यक्त किया। 

क्या है राफेल की खासियत
राफेल एक बहुत ही उपयोगी लड़ाकू विमान है। इसके एक विमान को बनाने में 70 मिलियन की लागत आती है। इस विमान की लंबाई 15.27 मीटर होती है और इसमें एक या दो पायलट ही बैठ सकते हैं। 
इस विमान की खासियत है कि यह ऊंचे इलाकों में भी लड़ने में माहिर है। राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह अधिकतम 24,500 किलोग्राम का भार उठाकर उड़ने में सक्षम है। इसकी अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 किमी. प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है। 
ऑप्ट्रॉनिक सिक्योर फ्रंटल इंफ्रारेड सर्च और ट्रैक सिस्टम से लैस इस विमान में एमबीडीए एमआइसीए, एमबीडीए मेटेओर और एमबीडीए अपाचे जैसी कई तरह की खतरनाक मिसाइलें और गन लगी होती हैं, जो पल भर में दुश्मनों को मिट्टी में मिला सकती है। इसमें लगी 1.30 एमएम की एक गन एक बार में 125 राउंड गोलियां चलाने में सक्षम है। इसमें लगी मेटेओर मिसाइल 100 किलोमीटर दूर उड़ रहे फाइटर जेट को भी पलभर में मार गिराने में सक्षम है। इस तरह का मिसाइल चीन-पाकिस्तान समेत पूरे एशिया में किसी के पास भी नहीं है।