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बनारस में सरकारी मदद से पुर्नजीवित होंगे ट्रस्टों के बंद पड़े अस्पताल, राज्यमंत्री के सुझाव पर सीएम की सहमति
August 1, 2020 • सुरोजीत चैटर्जी • वाराणसी-चंदौली

- राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने वाराणसी के लिए दी सहमति

- जनपद के ऐसे एक दर्जन से अधिक चिकत्सालयों का प्रस्ताव भेजने का दिया निर्देश

- नॉन कोविड अस्पताल के तौर पर संचालित होने से अन्य रोगों में मरीजों को मिलेगी राहत

जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। जनपद में विभिन्न ट्रस्टों के बंद चल रहे करीब एक दर्जन से अधिक अस्पतालों को सरकार की मदद से दोबारा चालू कराएंगे। इसके लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। इन चिकित्सालयों को नॉन कोविड हॉस्पिटल के तौर पर संचालित  करेंगे। इस बारे में सूबे के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी की ओर से दिए गए सुझाव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहमति व्यक्त कर दी है।
सीएम ने डॉ. तिवारी से मिले सुझाव के बाद वाराणसी में बंद पड़े विभिन्न अस्पतालों को पुनः खोलने और उनकी सूरत संवारने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. तिवारी ने हाल ही में इस बारे में उनसे वार्ता की थी। राज्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में गोदौलिया स्थित मारवाड़ी अस्पताल, चौक क्षेत्र स्थित सेवा सदन अस्पताल, मच्छोदरी स्थित बिड़ला अस्पताल, शिवाला स्थित माता आनंदमयी अस्पताल, रामघाट स्थित मेहता अस्पताल एवं लक्सा में रामकृष्ण मिशन सहित लगभग एक दर्जन से अधिक चिकित्सालय विभिन्न ट्रस्टों से संचालित होते हैं।


वर्तमान में रामकृष्ण मिशन एवं आनंदमयी चिकित्सालय के अलावा विभिन्न ट्रस्टों द्वारा संचालित अन्य चिकित्सालय बंद पड़े हैं। जबकि इन चिकित्सालय के पास चिकित्सकीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यदि इन चिकित्सालय को नान कोविड के रूप में शुरू करा दिया जाए तो अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय लाभ लेने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी।।साथ ही वर्तमान दौर में यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. तिवारी ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से फोन पर इन अस्पतालों की सूची तैयार कर इन्हें तत्काल संचालित किए जाने के संबंध में इनके ट्रस्टियों एवं प्रबंधकों से वार्ता करने को कहा है। डॉ. तिवारी ने बताया कि वह स्वयं शीघ्र ही इन अस्पतालों के ट्रस्टियों एवं प्रबंधकों के साथ अस्पतालों का संचालन शुरू करने के संबंध में बैठक करेंगे। इन अस्पतालों के संचालन में आ रही परेशानियों का समाधान कराते हुए जल्द इनका संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ताकि आवश्यकतानुसार लोगों को सुगमता के साथ चिकित्सकीय सुविधा प्राप्त हो।