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बनारस में लाॅकडाउन इफेक्ट: घरेलू कलह व आर्थिक तंगी से बढ़ा आत्महत्या का ग्राफ, सिर्फ तीन महीनों में ही.....
July 19, 2020 • रवि प्रकाश सिंह  • वाराणसी-चंदौली

तीन महीनें के अंदर 32 से ज्यादा लोगों ने उठाया आत्मघाती कदम

तीन से 18 मई के बीच जिले में र्हुइं आत्महत्या की 14 घटनाएं 

रवि प्रकाश सिंह 
वाराणसी। लॉकडाउन में अमूमन लोगों को रोजगार जाने और आर्थिक तंगी की समस्या का शिकार होना पड़ा। इस सब के बीच आत्महत्या जैसे मामले भी बढ़े। आंकड़ों पर नजर डाले तो लॉकडाउन में जितने मामले आत्महत्या के आये उतना तो करोना से मौत भी नहीं हुई। लॉकडाउन के तीन महीनों में आत्महत्या के मामले बढ़ने के पीछे लॉकडाउन के बाद उपजी आर्थिक समस्या को इनकार नहीं किया जा सकता। ज्यादातर मामले आर्थिक समस्या और इसके बाद उपजे घरेलू कलह, जो लोगों की जान पर बन आयी। इसमें नौजवान, महिला, किसान और व्यापारी वर्ग भी शामिल हैं। जो इस कोरोना काल के दंश को झेलने में असफल रहे और अंजाम, मौत को गले लगाना। तीन से 18 मई के बीच जिले में आत्महत्या की 14 घटनाएं घरेलू विवाद, प्रेम प्रसंग और आर्थिक तंगी मुख्य वजह बनी। 
मई के 21 दिन में 16 लोगों ने खुदकुशी कर ली। लॉकडाउन घोषित होने के पहले मार्च में आत्महत्या का एक ही केस था। अप्रैल में पांच लोगों ने जान दी, जबकि मई में यह संख्या तीन गुना हो गई। पहली जून से छह जून तक कुल नौ लोग खुदकुशी कर चुके हैं। आत्महत्या के पीछे घरेलू विवाद, प्रेम प्रसंग के अलावा आर्थिक तंगी प्रमुख कारण मानी गई। 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से अब तक 32 लोगों ने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। 

अप्रैल की घटनाएं

- 8 अप्रैल: महमूरगंज के अपार्टमेंट में व्यापारी द्वारिकादास अगवानी ने फांसी लगा ली।

- 11 अप्रैल: मिजार्मुराद के गौर गांव में युवक ने आत्मदाह किया।

- 20 अप्रैल: लंका थाना क्षेत्र के नुवांव टड़िया गांव में सोमवार दोहपर में कृष्णकांत पटेल ने फांसी लगा ली।

- 23 अप्रैल: चेतगंज थाना अंतर्गत दलहट्टा इलाके में होटल संदीप के पीछे स्थित गणपति गर्ल्स हॉस्टल में बिहार के नालंदा जिले के परसुराई गांव की अंजलि ने फांसी लगा ली।

- 30 अप्रैल: भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवां के सरायनन्दन इलाके में दरिया सिंह की पत्नी सरोज बाला ने फांसी लगा ली।

28 मार्च : शिवपुर थाने के परमानंदपुर में 18 साल के चंद्रमा ने फांसी लगाई।

मई की घटनाएं

- 3 मई: जंसा निवासी अरुण गुप्ता ने विश्व सुंदरी पुल से कूदकर आत्महत्या की। 

- 4 मई: लोहता थाना क्षेत्र के हरपालपुर गांव निवासी महिला पत्रकार रिजवाना तबस्सुम फांसी लगाकर जान दी। 

- लंका थाना क्षेत्र के नगवा स्थित डालमिया कोठी के समीप के अभिनव पांडेय की पत्नी सुनीता पांडेय ने फांसी लगाई।

- छह मई: कैंट के टकटकपुर क्षेत्र की राधापुरम कॉलोनी में 10वीं के छात्र कृपाशंकर पांडेय उर्फ अमित ने फांसी लगाकर जान दे दी। 

- आठ मई: कैन्ट थानांतर्गत लालपुर रोड पर स्थित सिंधीनगर कॉलोनी में पत्नी से विवाद के बाद तरुण सालवानी ने फांसी लगा ली।

- लंका के छित्तूपुर निवासी अध्यापक अमित शर्मा ने गंगा में कूदकर जान दी। 

- 11 मई: कपसेठी थाना क्षेत्र के लोहराडीह गांव में पेड़ की डाली से लटककर शिवकुमार उर्फ पप्पू उपाध्याय ने जान दी।

- 12 मई: जंसा थाना क्षेत्र के सत्तनपुर गांव में सोमवार सुबह चंदन गुप्ता की पत्नी मधु गुप्ता ने फांसी लगाकर जान दे दी।

- 13 मई: चेतगंज थाना क्षेत्र में आभूषण व्यवसायी कमलेश सेठ पुत्र गुलाब सेठ ने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।  
- 14 मई: जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया के भालू-बंदर तकिया इलाके में युवक अब्दुल फैसल ने आत्मदाह कर लिया। 

- 15 मई: रामनगर थाना क्षेत्र के डोमरी गांव में आॅटोचालक जयप्रकाश शर्मा के बेटे मनीष ने फांसी लगाकर जान दे दी।

- 16 मई: रामनगर स्थित विश्वसुंदरी पुल से मंडुवाडीह के युवक सुजीत प्रजापति ने प्रेमिका के साथ गंगा में छलांग लगा दी। सुजीत की मौत।

- 18 मई: फूलपुर थाना क्षेत्र के सिंधोरा बाजार में अजय सोनकर की पत्नी नीलम सोनकर ने जहर खाकर जान दे दी। 

- शिवपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर बसही नटनीया दाई निवासी मनोज विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर जान दे दी।  

- 22 मई: रोहनिया थाना क्षेत्र में चितईपुर-चुनार रोड पर उपासना नगर अमरा के पास एटा के कासगंज निवासी राहुल यादव पुत्र सुरेश यादव ने हेलमेट की दुकान में फांसी लगा ली।

- 27 मई: शिवपुर थाना क्षेत्र के ऊसरपुरवा चैराहे में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सत्यप्रकाश सिंह की पत्नी निर्मला ने फांसी लगा ली।  

जून में हुई घटनाएं

- पहली जून: लक्सा थाना क्षेत्र के जद्दूमंडी इलाके में वर्षा मिश्रा नामक युवती और लोहता के लखनीपुर गांव में रविवार रात मुलायम पटेल नामक युवक ने जान दी थी। 

- तीन जून लंका थाना क्षेत्र के करौंदी स्थित अम्बेडकर नगर कॉलोनी में 17 वर्षीय चंदन प्रताप पुत्र राजेंद्र कुमार ने मंगलवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। 

- चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेवादा में बुधवार तड़के पांच बजे सुबह अपनी बहन के घर रह रहे प्रद्युम्न (18) पुत्र झम्मन की लाश बड़हल के पेड़ की डाल से लटकती मिली।  

- शिवपुर थाना क्षेत्र के उंदी मौनी बाबा आश्रम निवासी सरोजा तिवारी (27) पत्नी श्याम सुन्दर तिवारी ने मंगलवार देर शाम जहर खाकर जान दे दी।  

- जंसा थाना के चैखण्डी गांव निवासी कन्हैया उर्फ कृष्ण कुमार पाण्डेय (23) पुत्र त्रिभुवन का शव बुधवार सुबह पंखे की कुंडी से लटकता मिला।  

- 05 जून: लालपुर-पाण्डेयपुर थाना अन्तर्गत धोबियाना गली खजूरी पाण्डेयपुर निवासी हार्डवेयर व्यवसायी सुशील विश्वकर्मा (25) की हुकुलगंज मार्ग पर शान्ति कटरा में हार्डवेयर की दुकान में फांसी लगा ली।

- आदमपुर थाना अंतर्गत मछोदरी निवासी युवक ऋषभ (22) का शव शुक्रवार सुबह गंगा में उतराया मिला। उसने गंगा में कूदकर खुदकुशी कर ली।

- 06 जून: रामनगर थाना क्षेत्र के भीटी गांव में भाई की पिटाई से क्षुब्ध छात्रा अंजली (23) ने फांसी लगा ली।

- 07 जू्न: रामनगर थाना क्षेत्र के सूजाबाद मुहल्ले में राजगीर राजकुमार साहनी (35) पुत्र दशरथ साहनी ने रविवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। 

आर्थिक तंगी ने तोड़ी उम्मीद तो दी जान

वाराणसी। खुदकुशी की घटनाओं में कई ने आर्थिक तंगी से टूटकर जान दे दी। आठ अप्रैल को महमूरगंज के एक अपार्टमेंट में फांसी लगाने वाले व्यापारी द्वारिकादास अगवानी कर्ज के बढ़ते बोझ से परेशान थे। लॉकडाउन के बाद से कारोबार और प्रभावित हुआ। तनाव व अवसाद के चलते फांसी लगा ली थी। 14 मई को जैतपुरा थाना क्षेत्र में सरैयां के भालू-बंदर तकिया इलाके में युवक अब्दुल फैसल ने आत्मदाह कर लिया था। इसके पीछे भी आर्थिक तंगी की बात सामने आई। ई-रिक्शा के लिए कर्ज लिया था। तंगी में पिता ने मजदूरी के लिए दबाव बनाया तो विवाद हुआ, फिर आत्मदाह कर लिया। 18 मई को फूलपुर थाना क्षेत्र के सिंधोरा बाजार में अजय सोनकर की पत्नी नीलम सोनकर ने जहर खाकर जान दे दी। इसके पीछे भी आर्थिक तंगी की बात सामने आई।