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बनारस में 23 लापरवाह प्रभारी चिकित्साधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई, नोटिस, कोरोना संक्रमितों की पहचान में अनदेखी पड़ी भारी
July 15, 2020 • जनसंदेश न्यूज • वाराणसी-चंदौली


आठ दिनों में नगर टीमें मिलकर नहीं खोज सकीं दस फीसदी से ज्यादा रोगी

शहर के जांच दल ही फेल कर रहे घर-घर संक्रमितों को खोजने का अभियान

- नगर के 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारी कर रहे अनदेखी

- बीते पांच से 13 जुलाई तक नगर के सभी क्षेत्र की खराब रिपोर्ट पर डीएम खफा

- तत्काल संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो शासन से की जाएगी कार्रवाई की संस्तुति

- अगले तीन दिन में कैंपेन चलाकर शत-प्रतिशत टार्गेट हासिल करने के दिये निर्देश


सुरोचीत चैटर्जी
वाराणसी। जनपद में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्हें चिह्नित करने के लिए बीते पांच जुलाई से शहरी इलाके में डोर टू डोर खोज करने में लगायी गयी सभी 23 टीमें नाकारा साबित हो रही हैं। गत मंगलवार तक नगर के पांच क्षेत्रों में लक्षणों के आधार पर सिर्फ गिने-चुने रोगी ही खोजे जा सके। जबकि अन्य सभी टीमों का हाल यह है कि दिये गये लक्ष्य के सापेक्ष इन आठ दिनों में दस फीसदी मरीज तलाश में फिसड्डी रहे। ऐसी घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने घर-घर जारी जांच की निगरानी के लिए लगाए गये शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीएम कैंप कार्यालय में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दौरान श्री शर्मा ने यह सख्त तेवर दिखाया। नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों की देखरेख में जांच टीमों को डोर टू डोर जाकर सिम्टोमेटिक कोविड-19 महामारी और संचारी रोग नियंत्रण के लिए मरीजों को खोजकर सूचीबद्ध करते हुए उनका इलाज कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके लिए 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के इतने ही प्रभारी चिकित्साधिकारियों के निर्देशन में लगी  टीमों में से प्रत्येक दल को प्रतिदिन सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि से संक्रमित सिर्फ 2-2 रोगी ही खोजने का दायित्व सौंपा गया था। मीटिंग में जिलाधिकारी ने पाया कि गत पांच जुलाई से घर-घर जाकर रोगियों को चिह्नित करने में मेडिकल जांच टीमें गंभीर लापरवाही बरत रही हैं।
उनमें से पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमों का हाल यह कि मदनपुरा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी की देखरेख में सिर्फ चार रोगी ही चिह्नित हो सके हैं। इसी प्रकार चौकाघाट में मात्र नौ, आदमपुर में महज छह, बड़ी बाजार में सिर्फ दो और जैतपुरा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की देखरेख में कुल जमा एक मरीज की खोजा गया। समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि अबतक की प्रगति बेहद कम है और रोगी चिह्नित करने के लिए लगाई गई टीमे घोर सुस्ती और लापरवाही बरत रही हैं।
इसके अलावा अन्य सभी टीमों ने भी दस प्रतिशत से अधिक मरीजों को चिह्नित किया ही नहीं है। बीते पांच से 13 जुलाई तक इन टीमों ने प्रतिदिन जांच करते हुए ढाई हजार रोगियों के लक्ष्य के सापेक्ष महज 814 मरीजों की ही पहचान की। इन टीमों की ऐसी भारी लापरवाही पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
श्री शर्मा ने इस स्थिति को बेहद गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी प्रभारी  चिकित्साधिकारियों को आरोप पत्र दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तत्काल संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति करेंगे। उन्होंने सीएमओ डॉ. वीबी सिंह को आगामी तीन दिनों में युद्धस्तर पर सघन जांच अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिये हैं।