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बारिश से कच्चा जमींदोज मकान, मां-बेटी की दबकर मौत, आक्रोशित हुए ग्रामीण
June 28, 2020 • अनूप मिश्रा • आगरा


मिट्टी के जर्जर मकान में गुजर बसर कर रहा था परिवार

सोने के दौरान मकान ढहने से मां-बेटी की मौत, दो घायल

प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में चल रहे खेल का कई परिवार शिकार

जनसंदेश न्यूज़
लालगोपालगंज/प्रयागराज। रिमझिम बरसात के बीच अचानक मिट्टी का एक कच्चा मकान जमींदोज हो गया। जिसमें रात गुजार रहा परिवार हादसे का शिकार हो गया। मकान के मलबा में दबी एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। एक युवती को अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के चपेट में आए परिवार के दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पीड़ित परिवार मिट्टी के जर्जर भवन के साथ पन्नी और छप्पर तान कर गुजारा कर रहा था। नगर चेयरमैन ने गांव पहुंचकर आर्थिक मदद करते हुए दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
प्रयागराज प्रतापगढ़ जनपद की सीमा पर लालगोपालगंज के पलंग गांव स्थित कृष्णा नगर दलित बस्ती में रविवार को सुबह लगभग 4.45 बजे एक कच्चा मकान बारिश के चलते धराशाई हो गया। जिसमें सो रहा परिवार हादसे की चपेट में आ गया। गुलाब कली 55 वर्ष पत्नी राम सजीवन हरिजन की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर पास पड़ोस के लोग आनन फानन मौके पर पहुंच गए। बड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर तो जरूर निकाल लिया। परंतु गंभीर रूप से घायल 19 वर्षीय रूबी की जान नहीं बचा सके। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की सूचना दिए जाने के बाद भी जिम्मेदार एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इलाज के अभाव में रूबी पुत्री राम सजीवन की अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। बेटा चंद्रशेखर पुत्र राम सजीवन और बेटी रूपा पुत्री राम सजीवन की हालत नाजुक देख एंबुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तहरीर के आधार पर शवों को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

नगर चेयरमैन मुख्तार अहमद ने की आर्थिक मदद
लालगोपालगंज रू घटना की सूचना नगर चेयरमैन मुख्तार अहमद को जब मिली तो बगैर इंतजार किए पलएं गांव पहुंच गए। पीड़ित परिवार के मौजूद रिश्तेदारों का ढांढस बांधते हुए पच्चास हजार रुपए की आर्थिक मदद करते हुए एक लाख रुपए दिए जाने का यकीन दिलाया। संकट की इस घड़ी में मृतिका के परिवार के साथ खड़े रहने का हर संभव भरोसा दिलाया। पन्नी और छप्पर में रह रहे कुंबा को प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास न मिलने पर नाराजगी का इजहार किया। मृतिका के परिवार को सरकारी सहायता दिलाए जाने पर जोर देते हुए शवों के पंचनामा कराए जाने की उचित सलाह दी। जिसपर रिश्तेदारों ने सहमति जताते हुए शवों को पुलिस के हवाले कर दिया।

हादसे का शिकार होते बचा पड़ोसी परिवार
लालगोपालगंज: जमींदोज मकान के पड़ोस में छप्पर और पन्नी डालकर गुजर बसर कर रहा परिवार बाल बाल हादसे का शिकार होने से बच गया। मकान गिरने के बाद उसकी मोटी मोटी कच्ची दीवारें पड़ोसी की बिछाई गई चारपाई तक पहुंच गई थीं। मलबा में दबे परिवार को बचाने के लिए पड़ोसियों ने शोरगुल शुरू कर दिया। जिसपर ग्रामीणों ने किसी तरह मलबे में दबे लोगों को जब बाहर निकाला तो महिला की मौत की सूचना पाते ही पड़ोसियों में दहशत पैदा हो गई। थोड़ी ही देर बाद एक युवती की मौत से पड़ोसी परिवार में राजकुमार हरिजन, पत्नी रीता देवी, बेटी शालिनी, रोशनी और चांदनी सहम गई थीं। घटना की जद में आने से पड़ोसी परिवार बाल-बाल बच गया।

प्रधानमंत्री आवास के बंदरबांट पर आक्रोशित दिखे ग्रामीण
लालगोपालगंज रू प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबो को आशियाना दिए जाने की लड़ी लगी रही। परंतु नहीं मिला तो पलएं के कृष्णा नगर दलित बस्ती के बाशिंदों को। कुछ साल पहले मृतिका को आवास दिए जाने के बाद किसी कारण निरस्त कर दिया गया था। कच्चे मकान के दीवार के सहारे मेहनत मजदूरी कर छप्पर और पन्नी डाल कर गुजर-बसर करती थी। जिसके पड़ोस में रह रहे राजकुमार की भी स्थिति इससे कुछ अलग नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि दलित बस्ती में कई ऐसे परिवार हैं। जो पन्नी और छप्पर के नीचे अपने दिन काट रहे हैं। आवास के लिए जांच पड़ताल होने के बाद सब कुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप यह है कि डूडा का सर्वेयर बगैर पैसा लिए कॉलोनी पास नहीं करता। गांव के कुछ गरीबों के पास पैसा न होने के कारण सर्वेयर को पैसा नहीं दे सके। जिसके कारण मुझे आवास नहीं मिल सका। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि मृतिका का आवास पास हो गया है। परंतु किस्त अभी तक नहीं आई है। जो टूटा के जिम्मे है। इस संबंध में डूडा डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अमितेश ने बताया कि लॉकडाउन के कारण बहुत से नए लाभार्थियों का नाम सूची में मौजूद है। लेकिन अभी तक उन्हें किसी कारणवश पहली किस्त मुहैया नहीं कराई गई है। सर्वेयर के मुताबिक मृतिका का नाम भी नए आवास में शामिल है।