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आरक्षी भर्ती परीक्षा धांधली का सरगना गिरफ्तार, प्रति कैंडिडेट सात से आठ लाख में तय होता था सौदा
August 23, 2020 • रवि प्रकाश सिंह • वाराणसी-चंदौली


रवि प्रकाश सिंह
वाराणसी। वर्ष 2018 में हुई आरक्षी भर्ती परीक्षा में साल्वरों और टीसीएस कम्पनी के कर्मचारियों के मिली भगत से फर्जी बायोमैट्रिक कर बड़े पैमाने पर धांधली करने वाला वांछित 15 हजार इनामी अपराधी रामकिंकर सिंह को कैण्ट ने गिरफ्तार किया।  

आरक्षी पुलिस भर्ती प्रक्रिया वर्ष परीक्षा 2018 पुलिस लाइन वाराणसी में दस्तावेजों की सेविका शारीरिक मानक परीक्षा के दौरान बडे पैमाने पर पैसा लेकर अभ्यर्थियों को साल्वरो के माध्यम से कम्पनी के कर्मचारियों के मिली भगत से फर्जी बायो- मेट्रिक कर बड़े पैमाने पर धांधली को लेकर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। रविवार को कैण्ट रेलवे स्टेशन नौ नम्बर प्लेट फार्म से मुख्य आरोपी और 15 हजार का इनमी रामकिंकर सिंह उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह भागने की फिराक में था।  इस गैंग के कई लोग पहले से ही जेल जा चुके हैं ।

अभियुक्त रामकिंकर सिंह ने बताया कि मैं डीएवी कालेज में अध्यापन का कार्य कराता हूं साथ ही प्रतियोगी परिक्षाओं की भी तैयारी कराता हूं। इस दौरान बलिया के अमित साहनी से मेरी जान पहचान हुई । अमित सिंह ने मुझे राजेश महतो से मुलाकात करायी तथा पहले से ही मेरे साथ समीर सिंह व राजबहादुर यादव परिचीत थे। राजेश कुमार महतो (वर्तमान में जेल में निरूद्ध है) द्वारा मुझे बताया गया कि बिहार में तमाम सॉल्वर हैं तथा सॉल्वरों द्वारा अभ्यर्थियों की फोटो मिक्स करके परीक्षा केन्द्र पर अपना बायोमेट्रिक अंगूठा लगाकर परीक्षा देते थे। द्वितीय चरण की परीक्षा में उन्ही सॉल्वरों के द्वारा भर्ती केन्द्र के बाहर से फोटो लगाकर सम्बन्धित पुलिस भर्ती के साफ्टवेयर पर एक्सेस करा दिया जाता था । एक्सेस करने का काम राज व मिथिलेश कुमार महतो करते थे तथा प्रति कैंडिडेट 7 से 8 लाख रुपया लिया जाता था।