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आपदा में अवसर : लीजिए अब इस जिले में भी सामने आया पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर खरीद में धांधली 
August 20, 2020 • शशिकांत चौबे • पूूर्वांचल

शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए दोगुने से अधिक दाम में की गई खरीद

जनसंदेश न्यूज 
सोनभद्र। कोरोना संक्रमण के दौरान ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराए गए पल्स आक्सीमीटर व थर्मल रेड मीटर की खरीद में व्यापक धांधली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए ग्राम पंचायतों से खरीद न कराकर तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने एक ही एजेंसी से निर्धारित मूल्य से दोगुने दाम पर खरीद कर ग्राम पंचायतों में आपूर्ति की गई है। यही नही कई प्रधानों के खाते से भुगतान भी करा दिया गया है। शेष पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 

अपर मुख्य सचिव पंचायती राज द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना टेस्ट के लिए पल्स अक्सीमीटर एवं थर्मल रेड मीटर ग्राम पंचायतों के द्वारा क्रय करा कर आंगनवाड़ी व आशा को उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए थे। शासन के निर्देश पर तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने शासनादेश को दर किनार कर एक ही एजेंसी से निर्धारित मूल्य से दोगुने से अधिक दामों में खरीद कर ली। खुले बाजार में प्रति सेट पल्स आक्सीमीटर व थर्मल रेड मीटर की कीमत 2800 से 3000 रुपये है, जबकि तत्कालीन डीपीआरओ ने एक ही एजेंसी से खरीद कर सभी ग्राम पंचायतों में आपूर्ति कर ग्राम पंचायतों से 6000 रुपये भुगतान कराया जा रहा है। 

जबकि अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने पत्र जारी कर निर्देशित किया था कि इसकी खरीद ग्राम पंचायत द्वारा ही की जाएगी एवं किसी भी दशा में 2800 रुपये से ज्यादा का भुगतान नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए सोनभद्र में 1400 पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मल रेड मीटर 6000 रुपये की दर से ग्राम पंचायतों से भुगतान कराकर लाखों रुपये की हेरा-फेरी की जा रही है। 

कोरोना वायरस के संक्रमण के समय जहां लोग एक दूसरे के सहयोग करने में लगे हुए हैं। वहीं शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अधिकारी केवल अपने मोटे कमीशन के चक्कर में शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों में काफी रोष व्याप्त है। तमाम ग्राम प्रधान इसका भुगतान नहीं करना चाह रहे हैं, परंतु सचिवों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यही नही कई ग्राम पंचायतों से भुगतान भी करा लिया गया है।