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190 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की होगी सेवा समाप्त, क्रियाकलापों की जांच का आदेश, योगी सरकार का निर्देश
August 12, 2020 • अजय सिंह उर्फ राजू • इलाहाबाद


जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। प्रदेश सरकार ने 62 वर्ष की आयु की सीमा पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है। यूपी सरकार ने इसके साथ ही कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्रियाकलापों की जांच भी कराने का भी आदेश दिया है। 
दरअसल, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओ की काफी दिनो से शासन को कार्य में लापरवाही की शिकायत मिल रही थी। विशेष सचिव गरिमा यादव ने 22 जुलाई को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक को पत्र जारी कर ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उन्हें सेवानिवृत्ति का निर्देश दिया है। जिस के क्रम में जनपद में करीब 190 आगनबाड़ी कार्यकर्ती प्रभावित हो सकती हैं।
बतादें, जनपद में बाल विकास परियोजना के अंतर्गत 3579 आंगनबाड़ी केंद्र है जिसमें  539  मिनी आंगनवाड़ी भी शामिल  है। यहां 3420 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 3370  मिनी आंगनवाड़ी कार्यरत है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि शासन द्वारा पत्र मिलने के पश्चात ऐसी आंगनवाड़ियों को चिन्हित करने के लिए सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है। अधिकारियों ने लगभग सभी परियोजनाओं से ऐसी कार्यकर्ताओं को चिन्हित भी कर लिया है, जिनकी संख्या करीब 190 के आसपास होने की संभावना है। 
बताया कि सरकार के निर्देश का सख्ती से पालन किया जाएगा। जिसमें जिलें में किसी भी 62 साल से ज्यादा आयु के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को विभाग में कार्य की अनुमती नहीं दी जाएगी।  हालांकि, आंगनबाड़ी केंद्रों के मध्यम से चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज एंड न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट द्वारा बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन सभी आयोजनों को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। लेकिन अधिक उम्र होने के चलते एक और जहां शासन के मंशा का उल्लंघन हो रहा है। तो दूसरी ओर उम्र अधिक हो जाने के कारण विभागीय कार्यों में जो गति होनी चाहिए वह गति नहीं मिल पा रही थी। सरकार के इस फैसले से आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में कही रोष है, तो आमजन के बीच इस आदेश के तहत सही निर्णय माना जा रहा है।