दोस्तों मैं न विक्षिप्त हूं, न पागल और न बीमार! बेरोजगारी ने कर दिया है लाचार, इसलिए भीख मांगने को भी तैयार, सपा के पूर्व पार्षद......



जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। लगातार बढ़ रही बेरोजगारी तथा सरकार की नीतियों को लेकर सपा के पूर्व पार्षद और पेशे से अधिकवक्ता रविकांत विश्वकर्मा ने विरोध का नया तरीका ढूंढ़ लिया। शनिवार की सुबह-सुबह वें संकट मोचन मंदिर पहुंचे और जहां भीख मांगने वालों की कतार लगी होती है, उनके बीच बैठ कर भीख मांगने लगे। उन्होंने कहा कि दोस्तों मैं न विक्षिप्त हूं, न पागल हूं और ना ही बीमार हूं। लेकिन सरकार की नीतियों के कारण लगातार बढ़ रही बेरोजगारी ने इतना चिंतिंत कर दिया हैकि वें अभी से भीख मांगने का अभ्यास करना शुरू कर दिया है।



शनिवार संकट मोचन मंदिर के पास सुबह 9 बजे पहुंचे सपा के पूर्व पार्षद रविकांत विश्वकर्मा ने मंदिर के पास भिखारियों के बीच बैठकर भीख मांगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी से देश की युवा आबादी आत्महत्या करने को मजबूर है। किसान से लेकर नौजवान तक जिंदगी की जंग से जूझते हुए मौत का रास्ता चुन रहे है। 
ऐसे में मैं पहले से ही भीख मांगने का अभ्यास करना शुरू कर दिया है। क्योंकि मरने से अच्छा है कि अपनी आत्मा को मारकर भीख ही मांग लिया जाये। उन्होंने कहा कि हम आदतन भिखारी नही है, इसलिए पहले से ही इसका अभ्यास कर रहे है। 


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